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टीबी कफ कलेक्शन एप: इस एप से पता चलेगी बीमारी, आगरा से 211 लोगों के भेजे जाएंगे नमूने
Tue, 01 Feb 2022 02:36 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 01 Feb 2022 02:36 PM IST
सार
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में यह एप लांच हुआ है। इसमें आगरा से 211 नमूनों की रिकार्डिंग की जा रही है।
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विस्तार
आगरा जिले में टीबी के मरीजों को चिह्नित करना और आसान हो गया है। अब खांसी की रिकॉर्डिंग करने से टीबी का संदिग्ध मरीज पता चल जाएगा। इसका नमूना लेकर जांच कराने के बाद इलाज दिया जाएगा। इसके लिए टीबी कफ कलेक्शन एप से यह व्यवस्था शुरू हो गई है।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में यह एप लांच हुआ है। इसमें आगरा से 211 नमूनों की रिकार्डिंग की जा रही है। यह अभियान चार फरवरी तक चलेगा। इस एप के जरिये टीबी मरीजों की खांसी तीन बार रिकार्ड होगी। इसके अलावा एक से 10 तक गिनती करने, अ, आ से लेकर कुछ अक्षर भी बुलवाए जाएंगे।
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इस तरह से एक मरीज की आठ बार आवाज रिकॉर्ड की जाएगी। इसके बाद इस एप से लगातार खांसी करने वाले लोगों की आवाज रिकार्ड करेंगे और एप संभावित मरीज की पुष्टि कर देगा, इसके बाद उसका बलगम लेकर जांच कराई जाएगी।
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प्रदेश भर में 750 टीबी मरीजों पर होगा अध्ययन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ट सोल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण भी हो गया है। सर्वे के लिए वीडियो भी जारी किए गए हैं।
प्रदेश भर में 750 टीबी रोगियों और इतने ही नॉन टीबी और करीब छह हजार लोग मरीज के परिजनों के डेटा पर अध्ययन होगा। समन्वयक कमल सिंह ने बताया कि सभी मरीजों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। खांसी रिकार्ड करने से पहले मरीज की अनुमति ली जाएगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ट सोल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण भी हो गया है। सर्वे के लिए वीडियो भी जारी किए गए हैं।
प्रदेश भर में 750 टीबी रोगियों और इतने ही नॉन टीबी और करीब छह हजार लोग मरीज के परिजनों के डेटा पर अध्ययन होगा। समन्वयक कमल सिंह ने बताया कि सभी मरीजों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। खांसी रिकार्ड करने से पहले मरीज की अनुमति ली जाएगी।