विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार: लैपटॉप-कंप्यूटर खरीद में भी लाखों का गोलमाल, एसटीएफ कर रही जांच
कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार मामले की जांच में जुटी एसटीएफ को लैपटॉप-कंप्यूटर खरीद में भी लाखों रुपये का गोलमाल नजर आ रहा है। इनके बिल भुगतान की जांच शुरू हो गई है।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में लैपटॉप, कंप्यूटर की खरीद में भी खेल हुआ है। शिक्षकों के लिए लैपटॉप और विभागों के लिए कंप्यूटर की खरीद हुई। सभी शिक्षकों को लैपटॉप नहीं मिल पाए, हालांकि बढ़ी कीमत में इनकी खरीद हुई। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार मामले की जांच में जुटी एसटीएफ को इसमें भी लाखों रुपये का गोलमाल नजर आ रहा है।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के बजट से लैपटॉप और कंप्यूटर की 85.31 लाख रुपये की खरीद दिखाई गई। इसमें 36.94 लाख रुपये से स्थायी शिक्षकों के लिए लैपटॉप खरीदे गए। शैक्षणिक कार्यों के लिए शिक्षकों को दिए जाने थे, लेकिन सभी को ये लैपटॉप अभी तक नहीं मिले हैं।
इन विभागों में खरीदे गए थे कंप्यूटर
रसायन विभाग के 15.34 लाख रुपये का माइक्रोबेव सेनेटाइजर, 7.53 लाख रुपये का गैस क्रोमोटोग्राफ खरीदा गया। लाइब्रेरी साइंस के लिए 6.47 लाख रुपये, इतिहास विभाग के लिए 8.45 लाख रुपये और केएमआई के लिए 10.57 लाख रुपये के कंप्यूटर खरीदे।
इस मद में खर्च दिखाई धनराशि
सामान - धनराशिलैपटॉप - 36,94,580
कंप्यूटर - 25,50,042
माइक्रोवेब सेनेटाइजर - 15,34,000
गैस क्रोमोटोग्राफ - 7,53,218