कोरोना जांच: रैपिड किट की अवैध बिक्री को लेकर बड़ा खुलासा, यहां से हो रही सप्लाई
- फिरोजाबाद के ब्रज में हो रही सप्लाई, औषधि विभाग को मिली जानकारी, सहायक आयुक्त ने फिरोजाबाद के अधिकारियों को दिए जांच के आदेश
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आगरा में कोरोना जांच की रैपिड किट अवैध रूप से बेची जा रही हैं। इसे लेकर चौंकाने वाली जानकारी मिली है। रैपिड किट का फिरोजाबाद और शिकोहाबाद में भंडारण करके ब्रज के आगरा और अलीगढ़ मंडल में आपूर्ति की जा रही है। इसे फिरोजाबाद में दिल्ली से लाया जा रहा है। सहायक औषधि आयुक्त अखिलेश जैन ने फिरोजाबाद के अधिकारियों को अलर्ट करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
चार दिन पहले ही यह जानकारी आई थी कि कई लोग सरकारी केंद्र के बजाय रैपिड किट खरीदकर खुद ही कोरोना की जांच कर रहे हैं। आगरा में मेडिकल स्टोरों पर यह किट मिल रही है। औषधि विभाग ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि यहां फिरोजाबाद से आ रही है। वहां दिल्ली से लाकर भंडारण किया जा रहा है।
यह भी जानकारी मिली कि रैपिड किट को गर्भ जांच किट बनाने वाली कंपनी बना रही है। कंपनियों के प्रतिनिधि दवा विक्रेताओं को आपूर्ति कर रहे हैं। इन किट की खरीद-फरोख्त का भी कोई विवरण नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में भेजी गईं रैपिड किटों का हो ऑडिट: पुनीत कालरा
खुद की डॉक्टरी पड़ सकती है महंगी
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि रैपिड किट से खुद की जांच करना बेहद खतरनाक है। यदि किसी को बुखार, खांसी और जुकाम होने पर किट से जांच करता है और रिपोर्ट निगेटिव आती है तो वह निश्चिंत हो जाता है। जबकि इसकी रिपोर्ट शतप्रतिशत सही नहीं होती। ऐसे में पीसीआर जांच जरूरी होती है। ऐसे में परिवार में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
किट मिलने पर मेडिकल स्टोर सील करने को कहा है
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने कहा कि कोरोना की रैपिड जांच किट की अवैध बिक्री की शिकायत पर फिरोजाबाद, आगरा समेत अन्य जिलों के औषधि निरीक्षकों को जांच करने को कहा है। अवैध रूप से किट मिलने पर मेडिकल स्टोर सील करने को भी कहा है।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने कहा कि फिरोजाबाद-शिकोहाबाद से इन किटों के आने की सूचना मिली है, आगरा में मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण और डमी ग्राहक भेजकर सात की जांच की है। गोदामों में स्टॉक का निरीक्षण करेंगे।
300 रुपये की किट, बेच रहे 1000 तक में
इस किट की कीमत 300 रुपये है, जिसको दुकानदार 800 से 1000 रुपये तक में बेच रहे हैं। किट की बिक्री लंबे समय से हो रही है, लेकिन औषधि विभाग इनको पकड़ नहीं पाया।