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आगरा में कोरोना: सात दिनों में 322 सक्रिय मरीज बढ़े, 73 कोरोना पॉजिटिव और मिले
Wed, 07 Apr 2021 05:33 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 07 Apr 2021 05:33 PM IST
सार
- अब तक 10505 मरीज कोरोना से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके
- बीते सात दिनों में 322 एक्टिव केस बढ़े हैं
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कोरोना वायरसः जांच के नमूने लेते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले सामने आए हैं। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 456 हो गई है। जनपद में कुल संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़कर 11141 हो गया है। अब तक 10505 मरीज कोरोना से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
आगरा में 180 संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं कुल 646026 सैंपल टेस्ट हुए हैं। रिकवरी रेट घटकर 94.29 प्रतिशत हो गया है। बीते सात दिनों में 322 एक्टिव केस बढ़े हैं। इस बीच 3 मरीजों की मौत हुई है। 1 अप्रैल को एक्टिव केस 134 थे जो अब 456 हो गए हैं। 41 इलाकों में माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बन चुके हैं। पिछले साल शहर में 500 से अधिक कंटेन्मेंट जोन बने थे।
बाजार में जाने, सामूहिक कार्यक्रमों से बचें
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि लोग सामूहिक कार्यक्रमों में शामिल होने और बाजार में जाने से बचें। कार्यालय में भी मास्क लगाकर रखें, हाथों को सैनिटाइज भी करते रहें।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय : मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र की अवधि दो घंटे की होगी, ऐसे तैयार होगा पेपर
अस्पतालों में जाने से बचें तीमारदार
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय का कहना है कि अस्पताल-स्टेशनों पर जाने से बसें। अगर मरीज अस्पताल में भर्ती है तो तीमारदार न जाएं और फोन पर ही हालचाल लें। अस्पतालों में संक्रमण का खतरा अधिक है।
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आगरा में 180 संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं कुल 646026 सैंपल टेस्ट हुए हैं। रिकवरी रेट घटकर 94.29 प्रतिशत हो गया है। बीते सात दिनों में 322 एक्टिव केस बढ़े हैं। इस बीच 3 मरीजों की मौत हुई है। 1 अप्रैल को एक्टिव केस 134 थे जो अब 456 हो गए हैं। 41 इलाकों में माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बन चुके हैं। पिछले साल शहर में 500 से अधिक कंटेन्मेंट जोन बने थे।
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बाजार में जाने, सामूहिक कार्यक्रमों से बचें
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि लोग सामूहिक कार्यक्रमों में शामिल होने और बाजार में जाने से बचें। कार्यालय में भी मास्क लगाकर रखें, हाथों को सैनिटाइज भी करते रहें।
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अस्पतालों में जाने से बचें तीमारदार
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय का कहना है कि अस्पताल-स्टेशनों पर जाने से बसें। अगर मरीज अस्पताल में भर्ती है तो तीमारदार न जाएं और फोन पर ही हालचाल लें। अस्पतालों में संक्रमण का खतरा अधिक है।
बेहद गंभीर हालत में मिल रहे मरीज
आगरा में दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन का भी खतरा है, अप्रैल के अंत तक मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। पहली लहर के मुकाबले अब मरीज ज्यादा गंभीर मिल रहे हैं। लोग इसकी गंभीरता को समझें, 45 से अधिक उम्र है तो टीका लगवा लें, बिना मास्क के तो घर से निकलें ही नहीं।
45 वर्ष से कम उम्र के स्वास्थ्य-फ्रंटलाइन कर्मियों को वैक्सीन नहीं
कोरोना वायरस से बचाव की वैक्सीन लगवाने से चूके 45 साल से कम उम्र के स्वास्थ्य-फ्रंटलाइन कर्मचारियों को फिलहाल मौका नहीं मिलेगा। अब पोर्टल पर उनका पंजीकरण ही नहीं होगा। शासन स्तर पर पोर्टल में बदलाव कर दिया है।
जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि अभी तक 1.45 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। 45 साल से कम उम्र होने पर भी स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कर्मचारियों का पंजीकरण कर टीका लगाया जा रहा था। चार महीने में लगातार मौका देने पर भी करीब 3500 कर्मचारी टीका लगवाने नहीं आए। अब पोर्टल 45 से कम उम्र होने पर किसी का भी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाएगा। सॉफ्टवेयर इसे स्वीकार ही नहीं करेगा। अब शासन के अगले आदेश के बाद ही यह टीका लगवा सकेंगे।
संक्रमण की दूसरी लहर देख टीका लगवाने की आई सुध
जिले में कोरोना वायरस की वैक्सीन 16 जनवरी से लगनी शुरू हुई थी। इसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों और दूसरे चरण में फ्रंटलाइन कर्मचारियों और तीसरे चरण में बुजुर्ग और 45 साल से अधिक उम्र के बीमार लोगों का टीकाकरण किया गया। पहले और दूसरे चरण में 45 से कम उम्र के कर्मचारियों को बार-बार मौका दिया, लेकिन टीका लगवाने से बचते रहे। अब संक्रमण तेजी से बढ़ने पर यह टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। इनकी संख्या करीब 3500 है।
आगरा में दक्षिण अफ्रीकी और अज्ञात स्ट्रेन का भी खतरा है, अप्रैल के अंत तक मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। पहली लहर के मुकाबले अब मरीज ज्यादा गंभीर मिल रहे हैं। लोग इसकी गंभीरता को समझें, 45 से अधिक उम्र है तो टीका लगवा लें, बिना मास्क के तो घर से निकलें ही नहीं।
45 वर्ष से कम उम्र के स्वास्थ्य-फ्रंटलाइन कर्मियों को वैक्सीन नहीं
कोरोना वायरस से बचाव की वैक्सीन लगवाने से चूके 45 साल से कम उम्र के स्वास्थ्य-फ्रंटलाइन कर्मचारियों को फिलहाल मौका नहीं मिलेगा। अब पोर्टल पर उनका पंजीकरण ही नहीं होगा। शासन स्तर पर पोर्टल में बदलाव कर दिया है।
जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि अभी तक 1.45 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। 45 साल से कम उम्र होने पर भी स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कर्मचारियों का पंजीकरण कर टीका लगाया जा रहा था। चार महीने में लगातार मौका देने पर भी करीब 3500 कर्मचारी टीका लगवाने नहीं आए। अब पोर्टल 45 से कम उम्र होने पर किसी का भी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाएगा। सॉफ्टवेयर इसे स्वीकार ही नहीं करेगा। अब शासन के अगले आदेश के बाद ही यह टीका लगवा सकेंगे।
संक्रमण की दूसरी लहर देख टीका लगवाने की आई सुध
जिले में कोरोना वायरस की वैक्सीन 16 जनवरी से लगनी शुरू हुई थी। इसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों और दूसरे चरण में फ्रंटलाइन कर्मचारियों और तीसरे चरण में बुजुर्ग और 45 साल से अधिक उम्र के बीमार लोगों का टीकाकरण किया गया। पहले और दूसरे चरण में 45 से कम उम्र के कर्मचारियों को बार-बार मौका दिया, लेकिन टीका लगवाने से बचते रहे। अब संक्रमण तेजी से बढ़ने पर यह टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। इनकी संख्या करीब 3500 है।