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कोरोना: बच्चों के मुकाबले बुजुर्ग 24 गुना संक्रमित, पूरा परिवार हुआ पॉजिटिव लेकिन मासूम की रिपोर्ट आई निगेटिव
Sun, 07 Feb 2021 01:52 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 07 Feb 2021 01:52 PM IST
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कोरोना वायरसः जांच के लिए नमूने लेते कर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा जनपद में बच्चों के मुकाबले बुजुर्ग 24 गुना संक्रमित हुए हैं। पूरा परिवार भी संक्रमित होने पर बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई। चिकित्सक इसके लिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने को मुख्य वजह मान रहे हैं।
जिले में अभी तक 10,503 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। इसमें से नौ साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या महज 81 है। बुजुर्गों की बात करें तो 60 साल से अधिक उम्र के 1,933 मरीज मिले हैं। संक्रमित बच्चों में लक्षण भी कम मिले। एक भी बच्चे को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।
ये भी पढ़ें- लापरवाही: बगैर फिटनेस दौड़ रहीं कई एंबुलेंस और बसें, सीएनजी किट की चेकिंग नहीं
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24 दिन का बच्चा रहा था एसएन में भर्ती
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाला सबसे कम उम्र का मरीज 24 दिन का था। यह मंटोला का रहने वाला था और इसके दादा से यह संक्रमित हुआ था। मां शिशु के साथ रही थी। उनको अलग कक्ष में रखा गया था।
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जिले में अभी तक 10,503 लोग कोरोना से संक्रमित हुए। इसमें से नौ साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या महज 81 है। बुजुर्गों की बात करें तो 60 साल से अधिक उम्र के 1,933 मरीज मिले हैं। संक्रमित बच्चों में लक्षण भी कम मिले। एक भी बच्चे को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।
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24 दिन का बच्चा रहा था एसएन में भर्ती
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाला सबसे कम उम्र का मरीज 24 दिन का था। यह मंटोला का रहने वाला था और इसके दादा से यह संक्रमित हुआ था। मां शिशु के साथ रही थी। उनको अलग कक्ष में रखा गया था।
केस:1 परिवार के छह लोग संक्रमित, बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव
आवास विकास कॉलोनी में एक ही परिवार के छह लोग संक्रमित हुए। इनमें मां-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची शामिल रहे। इसी परिवार के नौ और छह साल के दो बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
केस:2 - खंदारी रहने वाले एक परिवार में मां-पिता और दादा-दादी संक्रमित हो गए। परिवार में उनके साथ रह रहे आठ साल और पांच साल के बच्चों की जांच में रिपोर्ट निगेटिव मिली।
मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
बच्चों में संक्रमण की दर कम मिलने की एक वजह इनकी मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता भी है। कई बार जुकाम-खांसी होने पर इनमें खुद ही ठीक हो गए। इनको भर्ती करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। -डॉ. नीरज यादव, बाल रोग विशेषज्ञ एसएन कॉलेज
दुनियाभर के बच्चों में संक्रमण कम
पूरा परिवार संक्रमण की चपेट में आ गया, लेकिन बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव थी। ऐसे कई मामले सामने आए। दुनियाभर में बच्चों में वयस्क और बुजुर्गों के मुकाबले संक्रमण की दर बहुत ही कम रही। -डॉ. प्रभात अग्रवाल, एसएन मेडिकल कॉलेज
आवास विकास कॉलोनी में एक ही परिवार के छह लोग संक्रमित हुए। इनमें मां-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची शामिल रहे। इसी परिवार के नौ और छह साल के दो बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
केस:2 - खंदारी रहने वाले एक परिवार में मां-पिता और दादा-दादी संक्रमित हो गए। परिवार में उनके साथ रह रहे आठ साल और पांच साल के बच्चों की जांच में रिपोर्ट निगेटिव मिली।
मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
बच्चों में संक्रमण की दर कम मिलने की एक वजह इनकी मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता भी है। कई बार जुकाम-खांसी होने पर इनमें खुद ही ठीक हो गए। इनको भर्ती करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। -डॉ. नीरज यादव, बाल रोग विशेषज्ञ एसएन कॉलेज
दुनियाभर के बच्चों में संक्रमण कम
पूरा परिवार संक्रमण की चपेट में आ गया, लेकिन बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव थी। ऐसे कई मामले सामने आए। दुनियाभर में बच्चों में वयस्क और बुजुर्गों के मुकाबले संक्रमण की दर बहुत ही कम रही। -डॉ. प्रभात अग्रवाल, एसएन मेडिकल कॉलेज