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लापरवाही: बगैर फिटनेस दौड़ रहीं कई एंबुलेंस और बसें, सीएनजी किट की चेकिंग नहीं

Mon, 04 Jan 2021 12:51 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 04 Jan 2021 12:51 PM IST
सार

  • आरटीओ ने बस मालिकों को भेजे नोटिस
  • अब एंबुलेंस वालों को भेजे जाएंगे

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123 Buses And 45 Ambulances Running Without Fitness In Agra City
एसएन के बाहर खड़ी एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में ट्रेवल एजेंसी से लेकर विभिन्न रूटों पर परमिट लेकर दौड़ रहीं 123 बसें और 45 से अधिक एंबुलेंस बगैर फिटनेस के दौड़ रहीं हैं। इनमें कई गाड़ियों की फिटनेस जांच को तीन साल बीत चुके हैं। एंबुलेंस में आग लगने की घटनाएं भी कई दफा हो चुकी हैं, लेकिन जानलेवा एंबुलेंस की जांच तक आरटीओ की टीमें नहीं कर रही हैं।
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लॉकडाउन के बाद वाहनों को फिटनेस जांच में छूट दी गई थी, लेकिन इसके बाद वाहन स्वामियों ने गाड़ियों की फिटनेस जांच ही नहीं कराई। आरटीओ के रिकॉर्ड के अनुसार 123 बसें ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इनमें कई की फिटनेस को तीन साल हो चुके हैं। इनमें परमिट वाली और ट्रेवल्स की बसें भी शामिल हैं।
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इसी तरह आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंसों में 45 से अधिक की फिटनेस खत्म हो चुकी है। इनमें से कई एंबुलेंस तो खटारा हो चुकी हैं, लेकिन इनकी जांच करने की जहमत प्रवर्तन टीमें नहीं उठाती हैं। खटारा एंबुलेंस से आगरा में कई घटनाएं हो चुकी हैं। दो सप्ताह पहले ही सेवला सराय पर एक एंबुलेंस में आग लग गई थी। 2019 में एंबुलेंस में लगे एलपीजी सिलिंडर में आग से मरीज झुलस गया था।

सीएनजी किट की चेकिंग भी नहीं
एक्सप्रेसवे पर हाल ही में दो कारों में आग लगने से छह लोगों की मौत हो चुकी है। कारों में लगाई जाने वाली सीएनजी किट की हर तीन माह बाद जांच होनी चाहिए, लेकिन किटों की जांच नहीं हो रही है। कई दफा सीएनजी किट लीकेज अग्निकांड का कारण बनते हैं। ऑटो मोबाइल इंजीनियर मनीष शर्मा ने बताया कि सीएनजी किट की जांच समय-समय पर होनी चाहिए। सीएनजी किट अच्छे सेंटरों से ही लगवानी चाहिए।

कोरोना संक्रमण के कारण हुई देरी
कोरोना संक्रमण के कारण वाहन स्वामियों को छूट मिली हुई थी। इस कारण गाड़ियों की फिटनेस जांच नहीं हो पाई है। एंबुलेंस जैसी गाड़ियों की फिटनेस में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। बस संचालकों को नोटिस भेजे हैं, अब एंबुलेंस व स्कूली वाहन सभी को नोटिस भेजेंगे। - अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)
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