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लॉकडाउन: फूल खिले पर मुरझाए किसानों के चेहरे, मंदिर-शादियां बंद होने से उपज बेकार
Fri, 24 Apr 2020 04:36 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 24 Apr 2020 04:36 PM IST
सार
बाह के 60 गांवों में होती है खेती, 3 करोड़ की उपज बेकार
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गेंदा की खेती करने वाले किसान परेशान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में मंदिर बंद हैं। शादियां टाल दी गई हैं। इससे बाह के 60 गांवों में फूलों की खेती करने वालों की करीब तीन करोड़ रुपए की कमाई मारी गई है। खेतों में गेंदा के फूल खिले हैं। पर, किसानों के चेहरे मुरझाए हैं।
बाह के खेड़ा देवीदास गांव के राजकुमार ने बताया कि चार बीघे में गेंदा के फूलों की खेती की है। अच्छे फूल खिले हैं। पर, उनके बिकने की कोई उम्मीद नहीं है। इसी तरह बाह के बरपुरा, दोदापुरा, मिड़कौली, गुंगावली, क्वारी, चांगौली, बिजकौली, प्रतापपुरा, पडुआपुरा, मंगदपुर, जैतपुर के पहाड़पुरा, रूपपुरा, रीछापुरा, मढ़ेपुरा, चौरंगाहार, नहटौली, फतेहपुरा, मुकुटपुरा, नंदगवां, खेड़ा राठौर आदि करीब 60 गांवों में होने वाली फूलों की खेती करने वाले किसान महामारी की मार से परेशान हैं।
किसानों ने बताया कि इन गांवों के किसान करीब तीन करोड़ रुपए के फूलों की बिक्री करते रहे हैं। पर इस साल नुकसान ही हो रहा है। पहले ग्लेडियोलस के फूल के खेतों में भी बारिश और ओलावृष्टि के चलते नुकसान उठाना पड़ा था।
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बाह के खेड़ा देवीदास गांव के राजकुमार ने बताया कि चार बीघे में गेंदा के फूलों की खेती की है। अच्छे फूल खिले हैं। पर, उनके बिकने की कोई उम्मीद नहीं है। इसी तरह बाह के बरपुरा, दोदापुरा, मिड़कौली, गुंगावली, क्वारी, चांगौली, बिजकौली, प्रतापपुरा, पडुआपुरा, मंगदपुर, जैतपुर के पहाड़पुरा, रूपपुरा, रीछापुरा, मढ़ेपुरा, चौरंगाहार, नहटौली, फतेहपुरा, मुकुटपुरा, नंदगवां, खेड़ा राठौर आदि करीब 60 गांवों में होने वाली फूलों की खेती करने वाले किसान महामारी की मार से परेशान हैं।
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किसानों ने बताया कि इन गांवों के किसान करीब तीन करोड़ रुपए के फूलों की बिक्री करते रहे हैं। पर इस साल नुकसान ही हो रहा है। पहले ग्लेडियोलस के फूल के खेतों में भी बारिश और ओलावृष्टि के चलते नुकसान उठाना पड़ा था।
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पांच सौ किसान परिवार प्रभावित
बाह तहसील के 60 गांवों में करीब पांच सौ परिवार फूलों की खेती से जुड़े हैं। किसान राम प्रकाश कुशवाह, प्रमोद सिंह ने बताया कि करीब तीन सौ एकड़ जमीन पर फूलों की खेती होती है। लॉकडाउन के चलते करीब तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि से ग्लेडियोलस के फूलों के नष्ट होने के बाद गेंदा के फूलों पर किसानों की निगाहें टिकी थी। उसे महामारी में मार दिया।
मंडी में जाने से पुलिस ने रोका तो चरा दी टमाटर की फसल
सब्जियां लेकर मंडी जाने वाले किसानों को पुलिस डंडे दिखाकर भगा रही है। जिससे खेत लेकर फसल रोपने वाले किसान हताश होने लगे हैं। बाह के खेड़ा देवीदास गांव के राम सहोदर कुशवाह पुलिस के रवैए से इस कदर दुखी हुए कि उन्होंने अपनी टमाटर की फसल को आवारा पशुओं के चरने के लिए छोड़ दिया।
बताया कि सात बीघा खेत 42 हजार में लिया था। बाह, जैतपुर, पिनाहट क्षेत्र में सब्जी मंडी महज दो घंटे खुलती थी। इसे भी पुलिस ने डंडे फटकार कर बंद करा दिया है।
बाह तहसील के 60 गांवों में करीब पांच सौ परिवार फूलों की खेती से जुड़े हैं। किसान राम प्रकाश कुशवाह, प्रमोद सिंह ने बताया कि करीब तीन सौ एकड़ जमीन पर फूलों की खेती होती है। लॉकडाउन के चलते करीब तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि से ग्लेडियोलस के फूलों के नष्ट होने के बाद गेंदा के फूलों पर किसानों की निगाहें टिकी थी। उसे महामारी में मार दिया।
मंडी में जाने से पुलिस ने रोका तो चरा दी टमाटर की फसल
सब्जियां लेकर मंडी जाने वाले किसानों को पुलिस डंडे दिखाकर भगा रही है। जिससे खेत लेकर फसल रोपने वाले किसान हताश होने लगे हैं। बाह के खेड़ा देवीदास गांव के राम सहोदर कुशवाह पुलिस के रवैए से इस कदर दुखी हुए कि उन्होंने अपनी टमाटर की फसल को आवारा पशुओं के चरने के लिए छोड़ दिया।
बताया कि सात बीघा खेत 42 हजार में लिया था। बाह, जैतपुर, पिनाहट क्षेत्र में सब्जी मंडी महज दो घंटे खुलती थी। इसे भी पुलिस ने डंडे फटकार कर बंद करा दिया है।