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लॉकडाउन से स्कूलों के पेड़ पौधों का अस्तित्व खतरे में
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31एमएनपी-20-विद्यालय में सूख रहे पौधों में पानी डालता शिक्षक
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। पिछले 15 दिनों से जिले के परिषदीय स्कूल बंद हैं। लॉकडाउन का असर स्कूल में लगे पेड़ पौधों और फुलबारी पर भी पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण शिक्षक व छात्र स्कूल में लगे पौधों को पानी नहीं दे पा रहे हैं। इसके चलते तेज धूप के कारण ये पौधे सूखने लगे हैं।
कोरोना वायरस के कारण जिलेभर के स्कूलों व कॉलेजों में पिछले 15 दिनों से ताला लटक रहा है। कॉलेजों और स्कूलों में लगाई गई फुलबारी और पौधों पर संकट खड़ा हो गया है। कोरोना महामारी के भय और लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक संकट परिषदीय स्कूलों में लगी फुलबारी और पौधों पर है। यहां निगरानी के लिए चपरासी की भी तैनाती नहीं है। शिक्षक लॉकडाउन के कारण अपने घरों में हैं। ऐसे में तेज धूप के कारण स्कूलों में लगी फुलबारी व पौधे सूखने लगे हैं। कुछ स्कूलों के प्रधानाध्यापक पौधों में पानी लगाने के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन उन्हें भी लॉकडाउन के उल्लंघन का डर है।
देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में स्कूलों के पौधों की देख रेख वहां के प्रधान, पड़ोसी या अभिभावक संघ के पदाधिकारियों द्वारा की जा सकती है। कोई भी अपनी मानवीय जिम्मेदारी निभा सकता है। लॉकडाउन के उल्लंघन की सलाह किसी को नहीं दी जा सकती।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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कोरोना वायरस के कारण जिलेभर के स्कूलों व कॉलेजों में पिछले 15 दिनों से ताला लटक रहा है। कॉलेजों और स्कूलों में लगाई गई फुलबारी और पौधों पर संकट खड़ा हो गया है। कोरोना महामारी के भय और लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक संकट परिषदीय स्कूलों में लगी फुलबारी और पौधों पर है। यहां निगरानी के लिए चपरासी की भी तैनाती नहीं है। शिक्षक लॉकडाउन के कारण अपने घरों में हैं। ऐसे में तेज धूप के कारण स्कूलों में लगी फुलबारी व पौधे सूखने लगे हैं। कुछ स्कूलों के प्रधानाध्यापक पौधों में पानी लगाने के लिए स्कूल पहुंचे, लेकिन उन्हें भी लॉकडाउन के उल्लंघन का डर है।
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देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में स्कूलों के पौधों की देख रेख वहां के प्रधान, पड़ोसी या अभिभावक संघ के पदाधिकारियों द्वारा की जा सकती है। कोई भी अपनी मानवीय जिम्मेदारी निभा सकता है। लॉकडाउन के उल्लंघन की सलाह किसी को नहीं दी जा सकती।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए