{"_id":"5e808a448ebc3e78dd04c668","slug":"corona-kasganj-news-agr4358310105","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का खौफ- असाध्य रोगियों का बढ़ रहा दर्द, लॉकडाउन से प्रभावित हुई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का खौफ- असाध्य रोगियों का बढ़ रहा दर्द, लॉकडाउन से प्रभावित हुई व्यवस्था
विज्ञापन
कासगंज का जिला चिकित्सालय
- फोटो : KASGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। कोरोना संक्रमण का खौफ विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। ज्यादातर मरीजों का इलाज दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, बरेली के चिकित्सकों के यहां चल रहा है। तमाम रोगी असाध्य रोग से पीड़ित हैं। जिन्हें गुर्दा, हृदय, लिवर, कैंसर आदि बीमारियां हैं। इन लोगों की दवाएं भी खत्म हो रही हैं। मरीज डायलेसिस भी नहीं करा पा रहे और न ही डॉक्टरों से संपर्क हो पा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों की चिंताएं लगातार बढ़ रहीं हैं। जिले में भी जिला चिकित्सालय से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां भी किसी भी गंभीर रोग के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। तमाम पीड़ितों की डाक के माध्यम से दवा आती थी। वह भी नहीं आ पा रही। आखिर इन मरीजों के इलाज और दवा की व्यवस्था कैसे होगी।
केस-1
कासगंज के मोहल्ला मोहन निवासी राजीव कुमार किडनी रोग से प्रभावित हैं। उनका इलाज दिल्ली के निजी अस्पताल में चल रहा है। प्रतिमाह वह अपनी दवा लेने और डॉक्टर को दिखाने दिल्ली जाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा। क्योंकि दिल्ली के अलावा उनकी दवा और शहरों में नहीं मिलती। दवा कंपनी के कर्मचारियों ने डाक से दवा भेजने से इनकार कर दिया है।
केस-2
शहर के सहावर गेट क्षेत्र में रहने वाले अनूप कुमार गंभीर बीमार हैं। उनकी दवा नियमित चल रही है। इस दवा की आपूर्ति भी दिल्ली से ही होती है। शहर में लॉकडाउन होने और दिल्ली में कर्फ्यू होने के कारण वह न तो दवा लेने जा पा रहे और न ही डाक से दवा आ पा रही है। ऐसी स्थिति में समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
विज्ञापन
केस-3
क्षेत्र के गांव लुहर्रा निवासी हरवेंद्र सिंह का नियमित उपचार बरेली के राममूर्ति इंस्टीट्यूट में चल रहा है। विकलांगता और पेट रोग से ग्रसित होने के कारण उन्हें समस्या हो रही है, लेकिन वह यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दवा लेने नहीं जा पा रहे और आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी एंबुलेंस से दवा लेने जा सकें।
विज्ञापन
केस-1
कासगंज के मोहल्ला मोहन निवासी राजीव कुमार किडनी रोग से प्रभावित हैं। उनका इलाज दिल्ली के निजी अस्पताल में चल रहा है। प्रतिमाह वह अपनी दवा लेने और डॉक्टर को दिखाने दिल्ली जाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा। क्योंकि दिल्ली के अलावा उनकी दवा और शहरों में नहीं मिलती। दवा कंपनी के कर्मचारियों ने डाक से दवा भेजने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
केस-2
शहर के सहावर गेट क्षेत्र में रहने वाले अनूप कुमार गंभीर बीमार हैं। उनकी दवा नियमित चल रही है। इस दवा की आपूर्ति भी दिल्ली से ही होती है। शहर में लॉकडाउन होने और दिल्ली में कर्फ्यू होने के कारण वह न तो दवा लेने जा पा रहे और न ही डाक से दवा आ पा रही है। ऐसी स्थिति में समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
विज्ञापन
केस-3
क्षेत्र के गांव लुहर्रा निवासी हरवेंद्र सिंह का नियमित उपचार बरेली के राममूर्ति इंस्टीट्यूट में चल रहा है। विकलांगता और पेट रोग से ग्रसित होने के कारण उन्हें समस्या हो रही है, लेकिन वह यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दवा लेने नहीं जा पा रहे और आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी एंबुलेंस से दवा लेने जा सकें।