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7 साल से कम सजा वाले कैदियों की अंतरिम जमानत हुई आसान
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कासगंज। 7 साल तक सजा के आपराधिक मामलों में जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत मिल सकती है। 8 सप्ताह तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहाई के लिए प्रावधान बनाया गया है। इसके लिए अधिवक्ताओं का पैनल बना दिया गया है। पैनल के माध्यम से प्रार्थनापत्र मिलने पर न्यायालय से अंतरिम जमानत की रिहाई पर विचार होगा।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने निर्देश जारी किए हैं कि जिला कारागार में विचाराधीन ऐसे बंदी जो सात साल तक की सजा के आपराधिक मामलों में निरुद्ध हैं उनकों 8 सप्ताह तक अंतरिम जमानत पर रिहाई मिल सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने अंतरिम जमानत के प्रार्थनापत्रों के लिए अधिवक्ताओं का पैनल बना दिया है। पैनल के माध्यम से कैदियों के पैरवीकर्ताओं को प्रार्थनापत्र देना होगा।
उसके बाद न्यायालय उनकी रिहाई का विचार करेगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मिलने वाले प्रार्थनापत्रों पर 7 साल से कम सजा वाले प्रार्थनापत्रों पर कैदियों को रिहाई मिल जाएगी। अंतरिम जमानत के लिए बनाए गए पैनल में अधिवक्ता बहोरन सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, अभिषेक कुमार शर्मा, केशव मिश्रा को शामिल किया गया है।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने निर्देश जारी किए हैं कि जिला कारागार में विचाराधीन ऐसे बंदी जो सात साल तक की सजा के आपराधिक मामलों में निरुद्ध हैं उनकों 8 सप्ताह तक अंतरिम जमानत पर रिहाई मिल सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने अंतरिम जमानत के प्रार्थनापत्रों के लिए अधिवक्ताओं का पैनल बना दिया है। पैनल के माध्यम से कैदियों के पैरवीकर्ताओं को प्रार्थनापत्र देना होगा।
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उसके बाद न्यायालय उनकी रिहाई का विचार करेगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मिलने वाले प्रार्थनापत्रों पर 7 साल से कम सजा वाले प्रार्थनापत्रों पर कैदियों को रिहाई मिल जाएगी। अंतरिम जमानत के लिए बनाए गए पैनल में अधिवक्ता बहोरन सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, अभिषेक कुमार शर्मा, केशव मिश्रा को शामिल किया गया है।
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