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टीके का असर: 99 फीसदी से अधिक संक्रमित घर में ही हुए ठीक, नहीं हुआ वायरस का असर
Thu, 03 Feb 2022 08:19 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 03 Feb 2022 08:19 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में आगरा जनपद में कुल 9502 लोग अब तक संक्रमित हुए हैं, इनमें से 65 मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
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कोरोना का टीका लगवाता किशोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस की तीसरी लहर में 99 फीसदी से अधिक संक्रमित घर में ही ठीक हो गए। हालत ऐसी गंभीर नहीं हुई कि इनको अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना से बचाव का टीका लगे होने के कारण इन लोगों पर वायरस का अधिक असर नहीं हुआ।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर में 9,502 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 65 मरीज ही अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें से 59 मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज और बाकी ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया। जो मरीज घर में ही ठीक हो गए उन्होंने टीका लगवाया हुआ था। इससे इन लोगों में संक्रमण की स्थिति गंभीर नहीं हुई। केवल 40 फीसदी मरीजों में हल्का जुकाम-खांसी, खराश और हल्का बुखार आया। बाकी में इनमें से एक-दो ही लक्षण नजर आए। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी, उन्हें कैंसर, टीबी, सांस, हृदय रोग समेत अन्य गंभीर बीमारी की परेशानी थी।
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टीके से बनी एंटीबॉडी, जो बनी सुरक्षा कवच: डॉ. नीतू चौहान
एसएन मेडिकल कॉलेज मेडिसिन ट्रांसफ्यूजन विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि कोरोना वायरस की वैक्सीन लगने के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनी, जिससे ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट प्रभावी नहीं हुआ। करीब तीन हजार मरीजों का अध्ययन करके पाया गया कि टीकाकरण कराने वालों में संक्रमण से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी थे। संक्रमित होने के बाद टीका लगवाने वालों में तो 300 दिन बाद भी 500-700 यू/एमएल एंटीबॉडी मिली। टीके के दोनों डोज लगवाने पर इनमें 25 हजार यू/एमएल पाए गए। जो संक्रमित नहीं हुए और टीका लगवा चुके हैं, उनमें 200यू/एमएल तक एंटीबॉडी बनी, जो संक्रमण से बचाने के लिए पर्याप्त हैं।
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इन बातों का रखें ख्याल
- 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग बूस्टर डोज लगवाएं।
- थ्री लेयर मास्क पहनकर ही घर से बाहर जाएं।
- भीड़ से बचें, अस्पतालों में बेवजह न जाएं।
- दाल, हरी सब्जी, मौसमी फल भरपूर खाएं।
- पानी खूब पीएं, बीमारी की दवाएं बंद न करें।
- पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को मास्क लगाकर ही बाहर जाने दें।
- जिनको अभी टीका नहीं लगा है, वह टीकाकरण करवा लें।