ये तो गजब हो गया: विधायक रहते बताया था जिसे भ्रष्ट, आगरी की मेयर बनते ही बनीं पैरोकार
दो जून 2017 को विधायक रहते हुए हेमलता दिवाकर ने मुख्यमंत्री से राकेश बंसल की शिकायत की थी। अब मेयर बनने के बाद भ्रष्टाचार के उसी आरोपी को ओएसडी बना लिया।
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आगरा ग्रामीण की विधायक रहते हुए 6 साल पहले हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने जिस राकेश बंसल को भ्रष्ट बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जांच कराने की मांग की थी। इस आशय का पत्र भी भेजा था, वही राकेश बंसल अब उनकी नजर में पाक-साफ हो गया। ओएसडी बनाने के बाद अब जब सवाल उठे तो उसकी पैरोकारी में जुट गईं हैं। इधर, शुक्रवार को हेमलता दिवाकर का 2 जून 2017 काे लिखा गया पत्र सार्वजनिक हो गया है। जिसमें उन्होंने राकेश बंसल पर फर्जी और अवैधानिक कार्य करते हुए करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए थे।
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2 जून 2017 को हेमलता ने ये कहा
राकेश बंसल नगर निगम आगरा में किसी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मी के रूप में कार्यरत है। राकेश बंसल पर नगर निगम में कार्यकाल के दौरान फर्जी एवं अवैधानिक कार्य करते हुए करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। सुरेश चंद्र निगम की ओर से राकेश बंसल के खिलाफ लगाए सभी आरोप गंभीर प्रवृत्ति के हैं। राकेश बंसल के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान से जांच कराने का आदेश पारित करने की कृपा करें।
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21 जुलाई 2023 को हेमलता ये बोलीं
मैं कैसे मान लूं कि राकेश बंसल भ्रष्टाचारी है। ढाई साल पहले राकेश बंसल पर जो आरोप लगे, वह सिद्ध नहीं हुए हैं। मेरे ऑफिस में कौन काम करेगा, यह मेरा राइट है। मुझे नगर निगम में काम के लिए अनुभवी आदमी चाहिए। उसे 15 साल का अनुभव है। जो इल्जाम लगाते हैं, वह साक्ष्य दें। विजिलेंस की जांच में वह भ्रष्ट नहीं पाया गया। उस पर जो दाग लगा रहे हैं, वह साक्ष्य दें। दोष सिद्ध हो जाए या साक्ष्य देंगे तो हटा दूंगी।
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भाजपा के पाले में तूफान
नगर निगम में आउटसोर्सिंग कर्मचारी रहते हुए 238 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने के आरोपी राकेश बंसल को ओएसडी बनाने और उसकी पैरवी में जुटीं मेयर हेमलता दिवाकर के मामले में भाजपा नेता हैरत में हैं। शुक्रवार को पूरे दिन पार्टी पदाधिकारियों के बीच राकेश बंसल की चर्चाएं होती रहीं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों ने वृंदावन और अपने मुख्यालय तक यह मामला पहुंचा दिया है। वहीं भाजपा का एक खेमा इस मामले में प्रदेश नेतृत्व को पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचने का संदेश दे रहा है।