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UP: राशन माफिया से कनेक्शन...एडीएम नागरिक आपूर्ति पर गिरी गाज, शासन से आया आदेश; पद से हटाया

Sun, 22 Sep 2024 09:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 22 Sep 2024 09:03 AM IST
सार

राशन माफिया से मिलीभगत के आरोप में एडीएम पर कार्रवाई की गई है। शासन से आदेश आने के बाद उन्हें आगरा से हटा दिया गया है। 
 

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Connection with ration mafia ADM clamped on civil supplies removed from office
एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में राशन माफिया से मिलीभगत के आरोप में घिरीं एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल को शासन ने पद से हटा दिया। उन्हें राजस्व परिषद में संबद्ध किया है। उनके कारनामों की खबर शासन तक पहुंची थी। शुक्रवार रात विशेष सचिव विजय कुमार ने आदेश जारी किया।
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पीसीएस अधिकारी सुशीला अग्रवाल 2022 से आगरा में तैनात हैं। उन्हें आगरा विकास प्राधिकरण में संयुक्त सचिव पद पर भेजा गया था। जहां से उनका तबादला कलेक्ट्रेट में एडीएम नागरिक आपूर्ति पद पर हुआ। सुशीला के पति भी पीसीएस हैं। हाथरस में तैनात हैं। खेरागढ़ के मूल निवासी हैं।

 
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10 सितंबर को तत्कालीन डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के निर्देश पर डीएसओ संजीव सिंह ने पुलिस टीम के साथ अछनेरा स्थित रायभा में एक गोदाम पर छापा मारा था। 280 क्विंटल राशन का चावल और एफसीआई गोदाम की सरकारी मुहर लगी 62 बोरियां जब्त की गई थीं। गोदाम का संचालक खेरागढ़ स्थित पीपलखेड़ा निवासी सुमित अग्रवाल था, जो राशन माफिया है। इसके विरुद्ध चार से अधिक केस दर्ज हैं। वह अपने जीजा मनीष अग्रवाल के साथ मिलकर चावल की कालाबाजारी का सिंडीकेट चला रहा था।
 
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प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि सुमित अग्रवाल से एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल के पति की रिश्तेदारी थी। जिसका फायदा उठाकर वह बेखौफ होकर पिछले दो साल में जिले का सबसे बड़ा राशन माफिया बन गया। इसके सिंडिकेट में 100 से अधिक लोग शामिल हैं। 10 दिन से सुमित अग्रवाल फरार है। पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

 

एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल पर राशन माफिया से मिलीभगत के आरोप लगने के बाद शासन ने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी से रिपोर्ट मांगी थी। डीएम ने रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के लिए जांच कराए जाने की आख्या भेजी। जिसके बाद शासन ने एडीएम सुशीला को नागरिक आपूर्ति पद से हटा दिया है।
 

अर्दली बना था वसूली एजेंट
एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल का अर्दली गौरव शर्मा कोटेदारों से लेकर राशन की कालाबाजारी करने वालों से वसूली करता था। 13 सितंबर को डीएम ने गौरव शर्मा को निलंबित किया। गौरव के मोबाइल की सीडीआर में वसूली का खेल छिपा है। गौरव शर्मा की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में हुई थी। सूत्रों ने बताया कि वह एडीएम का कारखास था।

 

अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद एडीएम नागरिक आपूर्ति सुशीला अग्रवाल पर शासन ने कार्रवाई की। आगे की जांच के लिए अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी को शासन आगरा भेज सकता है। जो सभी पक्षों के बयान दर्ज करेंगे। एडीएम दफ्तर की सीसीटीवी फुटेज, अर्दली गौरव शर्मा की कॉल डिटेल निकाली जा सकती है।

 

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
वर्ष 2022 से 2024 तक जिले में राशन व आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी के 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। लेकिन न कोई जेल गया। न किसी को सजा मिली। ऐसे में एक तरफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी तरफ डीएम तक सिंडिकेट में शामिल लोगों की सूची पहुंची है। सूची में ओम प्रकाश गुप्ता, गौरव अग्रवाल, अमित अग्रवाल, हरिओम उर्फ झब्बू, मोहन लाल, पवन कुमार, हेमेंद्र उर्फ गोपाल, शेरू, लोकेश, संजू, नैनू, हरीश उर्फ हर्रो आदि 50 से अधिक नाम शामिल हैं।

 

शासन स्तर से कार्रवाई
जिलाधिकारी अरविंद मालप्पा बंगारी ने बताया कि एडीएम नागरिक आपूर्ति के विरुद्ध शासन स्तर से कार्रवाई की गई है। आरोपों की मुझे अधिक जानकारी नहीं है। विस्तृत जांच होगी। शासन के जो निर्देश हैं उनका पालन किया जाएगा। 
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