मथुरा में छत से किशोरी को फेंकने का मामला: प्रियंका गांधी के निर्देश पर पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेसी नेता
पूर्व विधायक प्रतीप माथुर ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। गुंडे किशोरी को एक साल से धमकी दे रहे थे। पीड़ित के पिता ने शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने अनसुनी कर दी थी।
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कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने बताया कि पीड़िता के पिता ने जानकारी दी है कि विगत एक वर्ष से कुछ गुंडे बेटी को धमकी दे रहे थे। पुलिस से सुरक्षा की मांग की, लेकिन पुलिस ने शिकायत को अनसुना कर दिया। पुलिस की लापरवाही के कारण ही बेटी जीवन और मौत के बीच झूल रही है।
पूर्व विधायक ने बताया कि अगर पुलिस पीड़िता के पिता की शिकायत को गंभीरता से लेती तो आज परिवार पर गम का पहाड़ न टूटता। यह तो पुलिस की लापरवाही है। उन्होंने मांग कि लापरवाह पुलिस वालों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में आबिद हुसैन, मुकेश धनगर, भगवान सिंह वर्मा, बिहारीकांत तिवारी, सुरेंद्र सिंह, आसिफ कुरैशी थे।
उप्र में महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध हो रहे हैं कि रूह कांप जाए, लेकिन सरकार सो रही है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) June 23, 2021
मथुरा में एक साल से लड़की को परेशान कर रहे गुंडों ने घर में घुसकर उसे छत से फेंक दिया। हमीरपुर में छेड़खानी से परेशान युवती ने आत्महत्या कर ली।
जंगलराज में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
21 जून की रात की है घटना
यह घटना 21 जून की रात 8:20 की है। पुलिस दो दिन दबाए रही और परिवार वालों से कहा कि अगर रिपोर्ट लिखवाओगे तो परिवार की बदनामी होगी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। इस मामले में अनीष, दिलीप और कौशल नाम के युवक गिरफ्तार किए गए हैं। इन पर ही किशोरी को छत से फेंकने का आरोप है।