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Agra News: बीच मझधार भाजपा में शामिल हुआ था कांग्रेस प्रत्याशी
Thu, 28 Mar 2024 11:27 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 28 Mar 2024 11:27 PM IST
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मैनपुरी। विरोधी विचारधारा के बाद भी लोकसभा चुनाव के दौरान वर्ष 1998 में कांग्रेस प्रत्याशी ने बीच मझधार भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सभा में भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ दीक्षित ने भाजपा प्रत्याशी अशोक यादव का प्रचार भी किया था।
वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा ने इटावा के रहने वाले बलराम सिंह यादव को चुनाव मैदान में उतारा। भाजपा ने उनके मुकाबले शिकोहाबाद के रहने वाले पूर्व मंत्री अशोक यादव पर दांव लगाया। कांग्रेस ने करीमगंज के रहने वाले शिवनाथ दीक्षित को टिकट दिया। शिवनाथ दीक्षित ने कांग्रेस की टिकट पर नामांकन करने के बाद लोकसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया।
भाजपा प्रत्याशी अशोक यादव के समर्थन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने क्रिश्चियन मैदान में सभा की। पूर्व प्रधानमंत्री की सभा के बीच कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ दीक्षित अपने कुछ समर्थकों के साथ भाजपा के मंच पर पहुंच गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने ही भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी।
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कांग्रेस के प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान बताते हैं कि वर्ष 1998 में कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ दीक्षित ने पार्टी के साथ धोखा किया था। बीच चुनाव में भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कार्यकर्ताओं को बेहद निराशा हुई थी। कार्यकर्ता हमेशा वफादार रहता है। नेता अक्सर लाभ के लिए पाला बदल लेते हैं। संवाद
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वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा ने इटावा के रहने वाले बलराम सिंह यादव को चुनाव मैदान में उतारा। भाजपा ने उनके मुकाबले शिकोहाबाद के रहने वाले पूर्व मंत्री अशोक यादव पर दांव लगाया। कांग्रेस ने करीमगंज के रहने वाले शिवनाथ दीक्षित को टिकट दिया। शिवनाथ दीक्षित ने कांग्रेस की टिकट पर नामांकन करने के बाद लोकसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया।
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भाजपा प्रत्याशी अशोक यादव के समर्थन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने क्रिश्चियन मैदान में सभा की। पूर्व प्रधानमंत्री की सभा के बीच कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ दीक्षित अपने कुछ समर्थकों के साथ भाजपा के मंच पर पहुंच गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने ही भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी।
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कांग्रेस के प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान बताते हैं कि वर्ष 1998 में कांग्रेस प्रत्याशी शिवनाथ दीक्षित ने पार्टी के साथ धोखा किया था। बीच चुनाव में भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कार्यकर्ताओं को बेहद निराशा हुई थी। कार्यकर्ता हमेशा वफादार रहता है। नेता अक्सर लाभ के लिए पाला बदल लेते हैं। संवाद