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उसैद घाट पर बन रहे पुल की राह में अनुमति की शर्ते बनी रोड़ा

Wed, 18 May 2022 12:09 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 12:09 AM IST
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Conditions of permission became an obstacle in the way of the bridge being built on Usaid Ghat
अनुमति की शर्तो का पेच फंसा, यूपी में रुका उसैद घाट पुल के निर्माण का कार्य - फोटो : Agra Dehat
बाह। मध्य प्रदेश के उसैद और यूपी के पिनाहट घाट के बीच चंबल नदी पर 90 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का निर्माण अनुमति की शर्तों का पेंच फंसने से यूपी की सीमा में वन विभाग ने रोक दिया है। अब शर्तों को पूरा करने के लिए ब्रिज कारपोरेशन ने लिखा पढ़ी शुरू की है।
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अप्रैल 2023 की समय सीमा निर्धारित कर जनवरी 2021 में सोना बिल्डर्स ने उसैद घाट पर पुल बनाने का काम शुरू किया था। चंबल नदी पर बनाए जा रहे पुल की लंबाई 750 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है। नदी तल से 17 मीटर की ऊंचाई पर पुल बनाया जा रहा है, जिससे पुल के ऊपर वाहनों के आवागमन से चंबल नदी के घड़ियाल, मगरमच्छ आदि जलीय जीवों को परेशानी न हो। इधर, रिवाइज प्रोजेक्ट के मुताबिक पुल निर्माण के बाद दोनों प्रदेशों की सीमा की ओर 200-200 मीटर सड़क निर्माण भी कराया जाएगा। अब तक मध्य प्रदेश की सीमा में पुल के लिए पांच कुएं खोद कर पिलर तैयार किए जा चुके हैं। यूपी की सीमा में नौ कुएं खोदकर 10 पिलर तैयार करने हैं। एक कुएं की खोदाई के दौरान वन विभाग ने केंद्र सरकार से मिली पुल निर्माण की अनुमति की शर्तो के पालन की बात कहकर काम रुकवा दिया।
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आगरा के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि शर्तों के पालन के लिए उन्होंने लिखा पढ़ी की है। शर्तें पूरी होते ही निर्माण कार्य की अनुमति दे दी जाएगी। एनओसी के लिए ब्रिज कारपोरेशन को यूपी वन विभाग को 21.5 लाख रुपये का शुल्क जमा कराना है। कार्यपालन यंत्री ब्रिज कारपोरेशन ग्वालियर ज्ञानवर्धन मिश्रा ने यूपी वाइल्ड लाइफ बोर्ड से एनओसी के लिए पत्र लिखा है। उसैद घाट पर पुल बनने से यूपी, एमपी और राजस्थान के करीब 200 गांवों के लोग लाभांवित होंगे। ग्रामीणों को 170 किमी के अतिरिक्त चक्कर से निजात मिल जाएगी स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अभी बाह, पिनाहट, अंबाह, पोरसा के लोगों को मुरैना-धौलपुर होते हुए राजस्थान व उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए जाना पड़ता है। पुल बनने से सीधा रास्ता हो जाएगा। समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
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