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मुरादनगर हादसे के बाद शासन हुआ सख्त, घटिया निर्माण पर अफसर होंगे जिम्मेदार

Wed, 13 Jan 2021 12:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 13 Jan 2021 12:01 AM IST
सार

  • वर्चुअल समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त अनिल कुमार ने दिए निर्देश 
  • निर्माण कार्यों की नोडल अधिकारी करेंगे जांच
  • 01 लाख से 10 लाख तक की परियोजनाओं की हर 30 दिन में होगी जांच
  • 10 लाख से 50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की हर 15 दिन में

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Muradnagar Accident Case: commissioner gave strict instructions officers will be responsible for poor construction
मुरादनगर श्मशान घाट पर हुआ था भयावह हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादनगर हादसे के बाद घटिया निर्माणों को लेकर शासन सख्त है। ऐसे में अब एक लाख से 10 लाख लागत की परियोजनाओं की हर 30 दिन पर और 10 लाख से 50 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हर 15 दिन बाद जांच जिलाधिकारी करेंगे। खराब गुणवत्ता के लिए नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे। ये निर्देश मंगलवार को मंडलायुक्त अनिल कुमार ने विकास कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में दिए हैं।

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आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में 50 करोड़ लागत की 22 परियोजनाएं हैं। इनके लिए नोडल अधिकारी नामित हैं। मंगलवार को समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता तकनीकी रिपोर्ट नहीं लाए। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 जनवरी तक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। 
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उन्होंने कहा कि सड़क, सीवर, भवन व अन्य निर्माण कार्यों के निरीक्षण में गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। मंडलायुक्त अनिल कुमार ने सभी जिलों के डीएम से कहा, जिला स्तर पर भी परियोजनाओं की निगरानी के लिए नोडल टीमें बनाईं जाएं। जिलाधिकारी स्वयं निरीक्षण करें और प्रत्येक 15 व 30 दिन बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 

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फिरोजाबाद-मैनपुरी के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगें
मंडलायुक्त ने नहरों की सिल्ट सफाई और पानी छोड़ने में लापरवाही बरतने पर फिरोजाबाद और मैनपुरी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए हैं। मथुरा में कार्यों की प्रगति से मंडलायुक्त संतुष्ट नहीं हुए। 

उन्होंने जल निगम मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी है। डीएम आगरा को सिविल एन्कलेव के अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में फिरोजाबाद के डीएम विजय चंद्र, मैनपुरी से महेंद्र बहादुर आदि मौजूद रहे।

पानी-सीवर की शिकायतों पर अफसरों को फटकार
आगरा में पेयजल समस्या, पाइपलाइन लीकेज, सीवर उफान और बेतरतीब सड़कों की खुदाई को लेकर बैठक में मंडलायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। प्राथमिकता पर सभी शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। 

जीवनी मंडी जल संस्थान में गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत जल शोधन संयंत्र के जीर्णोद्धार कार्य में हो रही देरी को लेकर भी मंडलायुक्त गंगाजल व जल निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अमृत योजना के तहत हो रहे सीवर, पेयजल और पार्कों के सुंदरीकरण में गुणवत्ता उत्तम होनी चाहिए।

गलत सूचना पर प्रतिकूल प्रविष्टि
मंडलायुक्त ने संयुक्त विकास आयुक्त नवीन चतुर्वेदी को निर्देश दिए कि जिन जिलों के जिला विकास अधिकारियों द्वारा प्रपत्रों पर गलत सूचना अंकित की जाए उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए।

जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
- परियोजनाओं की क्रियान्वयन रैकिंग में सुधार किया जाए।
- गोशालाओं का निरीक्षण करें वहां आवश्यक व्यवस्थाएं कराएं।
- फिरोजाबाद के डीएम शौचालय निर्माण कार्यों में प्रगति लाएं।
- आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक करें।
- आगरा डीएम सिविल एन्कलेव अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराएं।
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