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उदयनाथ बाग: विवादित जमीन पर 126 लोगों के घर, तत्कालीन अफसरों की खुलेगी कुंडली
Wed, 21 Aug 2019 12:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 21 Aug 2019 12:15 AM IST
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उदयनाथ बाग (नाथ का बाग) प्रकरण में कब्जे के दौरान तैनाती वाले अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन इनकी कुंडली खंगालने में जुट गया है। तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक की जिम्मेदारी तय करने की तैयारी है। इसके लिए पुराना रिकार्ड निकलवाया जाएगा।
गढ़ी भदौरिया स्थित उदयनाथ बाग की जमीन कब्जाने के मामले में दस लोगों को भू माफिया घोषित किया जा चुका है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इस प्रकरण में प्रशासन द्वारा की गई अब की कार्रवाई के संबंध में शासन को अवगत करा दिया है। मगर, प्रशासन इससे इस मामले की तह तक जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
तत्कालीन लेखपाल की भूमिका?
उदयनाथ बाग की जमीन पर वर्ष 2012 में कई बैनामा किए गए। जांच में तत्कालीन लेखपाल का रिकार्ड निकलवाया जा रहा है। उसने इस विवादित जमीन के बैनामा कैसे हो जाने दिए। क्या उसने इस बारे में तब कोई अपनी रिपोर्ट दी थी या नहीं?
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गढ़ी भदौरिया स्थित उदयनाथ बाग की जमीन कब्जाने के मामले में दस लोगों को भू माफिया घोषित किया जा चुका है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इस प्रकरण में प्रशासन द्वारा की गई अब की कार्रवाई के संबंध में शासन को अवगत करा दिया है। मगर, प्रशासन इससे इस मामले की तह तक जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
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तत्कालीन लेखपाल की भूमिका?
उदयनाथ बाग की जमीन पर वर्ष 2012 में कई बैनामा किए गए। जांच में तत्कालीन लेखपाल का रिकार्ड निकलवाया जा रहा है। उसने इस विवादित जमीन के बैनामा कैसे हो जाने दिए। क्या उसने इस बारे में तब कोई अपनी रिपोर्ट दी थी या नहीं?
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निर्माण कैसे हो गए?
विवादित जमीन पर 126 लोगों ने अपने घर बना लिए। ये अवैध निर्माण कैसे हुए। तत्कालीन एडीए के इंजीनियर ने इन्हें रोकने के
संबंध में क्या प्रयास किए। आखिर इन्हें रोका क्यों नहीं गया। तत्कालीन तहसीलदार ने इस मामले को संज्ञान में लिया था या नहीं? इतनी बड़ी जमीन पर कब्जा होने पर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
बिजली-पानी के कनेक्शन कैसे मिले?
विवादित जमीन पर अवैध निर्माण करने वाले लोगों को बिजली-पानी के कनेक्शन किस आधार पर मिले। तत्कालीन विभागीय अधिकारियों ने अनुमति कैसे दी।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार का कहना है कि उदयनाथ बाग जमीन प्रकरण में शासन को अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दे दी गई है। इसमें तत्कालीन अफसरों की भूमिका को भी देखा जाएगा।
विवादित जमीन पर 126 लोगों ने अपने घर बना लिए। ये अवैध निर्माण कैसे हुए। तत्कालीन एडीए के इंजीनियर ने इन्हें रोकने के
संबंध में क्या प्रयास किए। आखिर इन्हें रोका क्यों नहीं गया। तत्कालीन तहसीलदार ने इस मामले को संज्ञान में लिया था या नहीं? इतनी बड़ी जमीन पर कब्जा होने पर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
बिजली-पानी के कनेक्शन कैसे मिले?
विवादित जमीन पर अवैध निर्माण करने वाले लोगों को बिजली-पानी के कनेक्शन किस आधार पर मिले। तत्कालीन विभागीय अधिकारियों ने अनुमति कैसे दी।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार का कहना है कि उदयनाथ बाग जमीन प्रकरण में शासन को अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दे दी गई है। इसमें तत्कालीन अफसरों की भूमिका को भी देखा जाएगा।