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सर्दी का असर: बच्चों के लिए घातक है ये मौसम...निमोनिया से चल रही पसली, इन बातों का रखें ध्यान
Tue, 16 Dec 2025 11:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 16 Dec 2025 11:50 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग और बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बच्चों में निमोनिया से पसली चल रही हैं।
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एसएन ओपीडी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ठंड बढ़ने से गठिया, मासंपेशियों में दर्द और वायरल निमोनिया के मरीज दोगुना तक हो गए हैं। बच्चों में निमोनिया से पसली चल रही हैं। हालत गंभीर मिलने पर 10-15 बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।
हड्डी राेग विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि बीते सप्ताह से पारा तेजी से गिरा है। ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम होने से जोड़-मांसपेशियों की परेशानी बढ़ रही है। सोमवार को हड्डी रोग की ओपीडी में 345 मरीज आए। इनमें 97 नए मरीज थे, जिनके गर्दन, कमर, पीठ और पुरानी चोट का दर्द हो रहा था। 80 फीसदी की उम्र 25 से 40 साल की थी। ये लेटकर, आढ़े तिरछे बैठकर मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर का उपयोग करने वाले रहे।
पुराने 248 मरीजों में गठिया, जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द और जकड़न की परेशानी वाले रहे। मरीजों को असहनीय दर्द होने पर दवा देने के साथ फिजियोथेरेपी की भी सलाह दी। मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि ओपीडी में 678 मरीज आए। इनमें सीने में जकड़न, सांस की दिक्कत, बुखार-खांसी और एलर्जी के सबसे ज्यादा मरीज रहे। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि ठंड लगने पर बच्चों में वायरल फीवर और निमोनिया मिल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में 146 बच्चे आए। 10-15 की हालत गंभीर मिलने पर भर्ती करना पड़ा।
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पर्चा, दवा और जांच को धक्कामुक्की
सोमवार को एसएन की ओपीडी में 3439 मरीज आए। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने, दवा और जांच कराने के लिए मरीजों को लंबी लाइन से गुजरना पड़ा। औसतन मरीजों को 4 घंटे में इलाज मिल पाया। पीलीपोखर निवासी देवेंद्र सिकरवार ने बताया कि मां के घुटनों में दर्द और सूजन हो रही है, जिससे दर्द हो रहा है। पर्चा बनवाने से दवा लेने तक तीन-चार घंटे लग गए और धक्कामुक्की भी झेलनी पड़ी।
इन बातों का रखें ध्यान:
- बच्चों को स्कूल भेजते वक्त खासतौर से कान, हाथ व सिर को गर्म कपड़ों से ढकें।
- बच्चों की बोतल में गुनगुना पानी भरकर दें। ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचाएं।
- मोटा अनाज खाएं, गुड़, चना समेत गर्म तासीर वाली खाद्य सामग्री उपयोग करें।
- सीने में जकड़न पर सुबह-शाम भाप लें, रोजाना व्यायाम करें।
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हड्डी राेग विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि बीते सप्ताह से पारा तेजी से गिरा है। ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम होने से जोड़-मांसपेशियों की परेशानी बढ़ रही है। सोमवार को हड्डी रोग की ओपीडी में 345 मरीज आए। इनमें 97 नए मरीज थे, जिनके गर्दन, कमर, पीठ और पुरानी चोट का दर्द हो रहा था। 80 फीसदी की उम्र 25 से 40 साल की थी। ये लेटकर, आढ़े तिरछे बैठकर मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर का उपयोग करने वाले रहे।
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पुराने 248 मरीजों में गठिया, जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द और जकड़न की परेशानी वाले रहे। मरीजों को असहनीय दर्द होने पर दवा देने के साथ फिजियोथेरेपी की भी सलाह दी। मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि ओपीडी में 678 मरीज आए। इनमें सीने में जकड़न, सांस की दिक्कत, बुखार-खांसी और एलर्जी के सबसे ज्यादा मरीज रहे। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि ठंड लगने पर बच्चों में वायरल फीवर और निमोनिया मिल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में 146 बच्चे आए। 10-15 की हालत गंभीर मिलने पर भर्ती करना पड़ा।
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पर्चा, दवा और जांच को धक्कामुक्की
सोमवार को एसएन की ओपीडी में 3439 मरीज आए। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने, दवा और जांच कराने के लिए मरीजों को लंबी लाइन से गुजरना पड़ा। औसतन मरीजों को 4 घंटे में इलाज मिल पाया। पीलीपोखर निवासी देवेंद्र सिकरवार ने बताया कि मां के घुटनों में दर्द और सूजन हो रही है, जिससे दर्द हो रहा है। पर्चा बनवाने से दवा लेने तक तीन-चार घंटे लग गए और धक्कामुक्की भी झेलनी पड़ी।
इन बातों का रखें ध्यान:
- बच्चों को स्कूल भेजते वक्त खासतौर से कान, हाथ व सिर को गर्म कपड़ों से ढकें।
- बच्चों की बोतल में गुनगुना पानी भरकर दें। ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचाएं।
- मोटा अनाज खाएं, गुड़, चना समेत गर्म तासीर वाली खाद्य सामग्री उपयोग करें।
- सीने में जकड़न पर सुबह-शाम भाप लें, रोजाना व्यायाम करें।