नए साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ताजनगरी को देंगे 309 करोड़ रुपये की सौगात
- नए साल पर ताजनगरी को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। नए साल में जनवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मार्ट सिटी की 309.37 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करने वाले हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इन 10 योजनाओं का होगा लोकार्पण
योजनाएं बजट
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का गो लाइव 288.27 करोड़
ताजगंज के 8 स्मारकों को जोड़ने वाला हेरिटेज वॉक 3.46 करोड़
एबीडी एरिया में 7 जगहों पर स्वचालित शौचालय 3.99 करोड़
7 चौराहों का सुंदरीकरण और विकास कार्यक्रम 2.27 करोड़
नगर निगम स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण 3.00 करोड़
खंदारी और गधापाड़ा में स्मार्ट हेल्थ सेंटर लोकार्पण 2.80 करोड़
रावतपाड़ा की 6 हवेलियों का जीर्णोद्वार, सुंदरीकरण 0.90 करोड़
नगर निगम विद्यालयों में डिजिटल क्लास रूम निर्माण 61 लाख रुपये
ताजगंज में माइक्रो स्किल डेवलपमेंट क्लास 2.00 करोड़
ताजगंज के एबीडी एरिया में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 3.83 करोड़
योजनाओं का प्रस्ताव शासन को भेजा
आगरा स्मार्ट सिटी के सीईओ निखिल टी. फुंडे ने बताया कि आगरा की पुरानी कलाओं का विकास, हवेलियों को संरक्षित करने, पारंपरिक दस्तकारी, हेरिटेज वॉक समेत 10 योजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। हमने सभी योजनाओं के प्रस्ताव को शासन को भेज दिया है।
ई-चालान में हिस्सेदारी लेगी स्मार्ट सिटी
990 करोड़ रुपये की योजनाओं को पूरा करने के बाद आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी इन योजनाओं का रखरखाव करने के लिए कमाई के लिए कई प्रस्ताव बना रही है। इनमें इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर हो रहे ई-चालान में हिस्सेदारी प्रमुख है।
स्मार्ट सिटी सीईओ ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के मुकाबले हमारे कैमरों से 10 गुना ज्यादा ई-चालान हो रहे हैं, जिनमें स्मार्ट सिटी को भी हिस्सा मिलना चाहिए। यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन जितनी हिस्सेदारी तय करेगा, उतना हिस्सा स्मार्ट सिटी को मिलने लगेगा। कमांड सेंटर के संचालन पर सालाना खर्च 10.30 करोड़ रुपये होगा।
23.3 किमी लंबी यूटिलिटी डक्ट का किराया लेगी कंपनी
स्मार्ट सिटी अपनी कमाई बढ़ाने के लिए स्मार्ट सिटी के एबीडी एरिया में बिछाई गई 23.3 किमी लंबी यूटिलिटी डक्ट और 10 किमी लंबी आरसीसी पाइप डक्ट में केबल, ओएफसी केबल, पाइप डालने पर प्रति किमी किराया वसूलेगी।
महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई राज्य यूटिलिटी डक्ट बनाकर 10 हजार रुपये प्रति किमी सालाना का किराया कंपनियों से वसूल रहे हैं। इससे कंपनियों को खोदाई पर आने वाला खर्च घटता है। वहीं स्मार्ट सिटी इस पूरे क्षेत्र को खोदाई मुक्त घोषित कर पाएगी। फतेहाबाद रोड के साथ एबीडी एरिया के 9 वार्डों में यह डक्ट बनाई जा रही है।
ताजगंज और स्मार्ट सिटी के 9 वार्डों में 17,225 घरों में 24 घंटे पानी, 13000 घरों में सीवर के कनेक्शन किए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाकर पानी और सीवर का बिल वसूला जाएगा। स्मार्ट मीटर लगाने से पानी की अनाप शनाप बर्बादी रुकेगी, वहीं नया मॉडल तैयार होगा, जिसमें पानी सप्लाई होने पर होने वाले खर्च की वसूली की जा सकेगी। सीईओ निखिल टी फुंडे ने बताया कि इसके अलावा सीसीटीवी पोल पर एलईडी विज्ञापन, मेट्रो रेल आने के बाद एबीडी एरिया में बेटरमेंट लेवी के रूप में एक निश्चित धनराशि वसूलने के प्रस्ताव हैं।