Mathura: सीएम योगी ने अफसरों को लगाई फटकार, कहा- आपकी इच्छा यहां काम करने की न हो तो बताएं
मुख्यमंत्री ने डीएम और एसएसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर आपकी इच्छा यहां काम करने की न हो तो बताएं, कई अच्छे अफसर हैं जो यहां भेजे जा सकते हैं।
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दो दिन के मथुरा प्रवास पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के समय अधिकारी चकरघिन्नी बने रहे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद अधिकारियों के लगातार किए जा रहे प्रयोग उनके लिए ही उल्टे पड़ गए हैं। बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर योजना और मंदिर में दर्शन की व्यवस्था को दुरुस्त करने में अब तक फेल हुए अधिकारियों को मुख्यमंत्री के गुस्से का सामना करना पड़ा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर में हुए हादसे के बाद भी भीड़ को नियंत्रित न करने पर मुख्यमंत्री ने डीएम और एसएसपी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर आपकी इच्छा यहां काम करने की न हो तो बताएं, कई अच्छे अफसर हैं जो यहां भेजे जा सकते हैं। हादसे को हुए चार माह बीतने को हैं, अभी तक भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन की व्यवस्था को सुलभ कराने की दिशा में कोई योजना ही नहीं बनाई गई।
कॉरिडोर की दिशा में क्या कार्ययोजना बनाई ?
मथुरा के वेटरनरी विश्वविद्यालय में वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री का पारा एकाएक बढ़ गया। कहा कि कॉरिडोर की दिशा में अब तक क्या कार्ययोजना बनाई गई है। मंदिर में आने वाली भीड़ को नियंत्रण करने की दिशा में आप लोगों ने क्या किया है।
उन्होंने कहा कि आज भी वही हालात हैं जो हादसे के समय थे। आपको क्या लगता है हमें यहां की जानकारी नहीं। हर दिन बांके बिहारी मंदिर में भीड़ का दबाव बढ़ रहा है। भीड़ के दबाव में लोग घायल हो रहे हैं, भीड़ को नियंत्रित करने की दिशा और दर्शन की व्यवस्था को सुलभ बनाने की दिशा में लगता है कोई कार्य हुए ही नहीं।
हादसे के बाद पहली बार आए योगी
19 अगस्त श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दर्शन किए थे। जन्माष्टमी की रात ही मंगला आरती के दौरान हुए हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक घायल हुए थे। अधिकारी वीडियो बनाते दिखे थे।
इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर जांच कराते हुए मंदिर कॉरिडोर निर्माण की दिशा में योजना बनाने पर बल दिया। कमेटी की अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। उस रिपोर्ट को शासन कोर्ट में भी दे चुका है। हादसे बाद मथुरा दौरे पर पहली बार आए योगी एक्शन में दिखे।
वृंदावन की पल पल की पहुंच रही खबर
धार्मिक नगरी मथुरा की जानकारी सीएम को पल-पल रहती है। बताते हैं कि यहां संतों से आए दिन बात होती रहती है। साथ ही कुछ लोग ऐसे भी हैं जो यहां की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारियां प्रतिदिन योगी तक पहुंचाते हैं। यही कारण रहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग भले ही न बताएं लेकिन यहां की पल-पल की जानकारी उन्हें मिलती रहती हैं।