फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   clinic

जांच टीम सक्रिय, फिर भी गांव-गांव खुल रहे अवैध क्लीनिक

Sun, 25 Sep 2022 11:24 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2022 11:24 PM IST
सार

जिले में बुखार के मरीज बढ़ने के साथ ही गांव-गांव अवैध क्लीनिक और झोलाछापों की दुकानें सज गई हैं।पिछले एक महीने में कई मामले भी स्वास्थ्य विभाग के सामने आए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है।इस मामले स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है।

विज्ञापन
clinic

विस्तार

मैनपुरी। जिले में बुखार के मरीज बढ़ने के साथ ही गांव-गांव अवैध क्लीनिक और झोलाछापों की दुकानें सज गई हैं। प्रत्येक वर्ष बुखार के सीजन में कमोवेश यही स्थिति रहती है। यह हाल तब है जब स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम सक्रिय है। बिना पंजीयन के अस्पतालों-क्लीनिकों पर निगाह रख रही है। यही नहीं पिछले एक महीने में दो मरीजों की अवैध क्लीनिकों पर मौत हो चुकी हैं।
विज्ञापन

जिले में बुखार के मरीज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में उचित उपचार की व्यवस्था न होने के कारण मरीज झोलाछाप और बिना पंजीकरण के संचालित अवैध क्लीनिकों पर उपचार लेने को मजबूर हैं। यहां न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और न ही उपचार की पर्याप्त सुविधाएं। पिछले एक महीने में कई मामले भी स्वास्थ्य विभाग के सामने आए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इस कारण अवैध क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन

केस नंबर- एक
स्थान-जीटी रोड बेवर
यहां जीटी रोड पर एक क्लीनिक पर उपचार के दौरान महिला की मौत हो जाती है। परिजन पहले हंगामा करते हैं। पुलिस को तहरीर भी देते हैं। पोस्टमार्टम भी कराया जाता है लेकिन इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
केस-नंबर दो
स्थान- कस्बा बेवर
गग्गरपुर नहर पुल के पास एक बिना बोर्ड के संचालित अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत होने के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने अस्पताल भी सील किया। उप मुख्यमंत्री से भी मामले की शिकायत हुई। फिर भी घटना के 15 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं कर सका है।
केस- नंबर तीन
कुरावली में एक अवैध क्लीनिक का ऑडियो वायरल होता है। इस पर दो महीने का गर्भ गिराने के नाम पर क्लीनिक संचालिका पीड़ित से 3500 रुपये की मांग करती है। इस मामले स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि यहां गर्भ गिराना नियम विरुद्ध है।

जहां से भी शिकायत मिलती है वहां जांच कराई जाती है। बेवर के मामले की जांच हो रही है। कुरावली के जिस ऑडियो की बात हो रही है उसकी भी जांच कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त एक टीम लगाई गई है जो बिना पंजीयन चल रहे अस्पतालों की जांच कर रही है। शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पीपी सिंह सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed