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समान पक्षी विहार के बदलेंगे दिन
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समान पक्षी विहार स्थित पार्क।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। वन्य प्राणियों के लिए बनाए गए समान पक्षी विहार के अब दिन बदलेंगे। पक्षी विहार को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। आसपास के क्षेत्र में निर्माण पर भी अब वन विभाग की नजर रहेगी। देखरेख के अभाव में पक्षी विहार से दुर्लभ प्रजाति के पक्षी गायब होते जा रहे हैं।
समान पक्षी विहार में एक दशक पहले तक सर्दी में विविध प्रकार के प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षी नजर आते थे। उनको समान पक्षी विहार और उसकी झील में प्रचुर मात्रा में भोजन मिल जाता था। समान पक्षी विहार में बड़े पैमाने पर दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का शिकार किया जा रहा है। समान पक्षी विहार में अब सारस सहित अन्य विदेशी पक्षी नजर ही नहीं आते हैं। राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव विहार परियोजना के तहत समान पक्षी विहार क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। समान पक्षी विहार में ईको पार्क को विकसित किया जाएगा।
अब नजर नहीं आते सारस
समान पक्षी विहार में एक दशक पहले एक दो नहीं दर्जनों सारस एक साथ नजर आते थे। सारसों को देखने के लिए लोग शाम होते ही पक्षी विहार पहुंच जाते थे। सपा सरकार में 67.23 करोड़ खर्च करने के बाद भी समान पक्षी विहार पर्यटक स्थल का रूप नहीं ले सका है। खुद को असुरक्षित महसूस करने वाले पक्षियों ने अपना बसेरा बदल लिया है।
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अनुमति लेकर ही होगा काम
समान पक्षी विहार के पास का क्षेत्र प्रतिबंधित घोषित किए जाने के बाद अब वहां निर्माण कार्य अनुमति लेकर ही हो सकेंगे। होटल और रिसोर्ट का निर्माण, स्थायी निर्माण, प्रदूषण पैदा करने वाले लघु उद्योग की स्थापना नहीं हो सकेगी। पक्षी विहार क्षेत्र के पास अब बिना अनुमति के वृक्षों का कटान नहीं हो सकेगा।
समान पक्षी विहार को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। विभाग की योजना के तहत काम कराया जाएगा। रखरखाव और सैंदर्यीकरण के काम की समीक्षा के बाद अधिकारियों के आदेश पर काम होगा।
डीसी शुक्ला, डीएफओ
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समान पक्षी विहार में एक दशक पहले तक सर्दी में विविध प्रकार के प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षी नजर आते थे। उनको समान पक्षी विहार और उसकी झील में प्रचुर मात्रा में भोजन मिल जाता था। समान पक्षी विहार में बड़े पैमाने पर दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का शिकार किया जा रहा है। समान पक्षी विहार में अब सारस सहित अन्य विदेशी पक्षी नजर ही नहीं आते हैं। राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव विहार परियोजना के तहत समान पक्षी विहार क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। समान पक्षी विहार में ईको पार्क को विकसित किया जाएगा।
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अब नजर नहीं आते सारस
समान पक्षी विहार में एक दशक पहले एक दो नहीं दर्जनों सारस एक साथ नजर आते थे। सारसों को देखने के लिए लोग शाम होते ही पक्षी विहार पहुंच जाते थे। सपा सरकार में 67.23 करोड़ खर्च करने के बाद भी समान पक्षी विहार पर्यटक स्थल का रूप नहीं ले सका है। खुद को असुरक्षित महसूस करने वाले पक्षियों ने अपना बसेरा बदल लिया है।
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अनुमति लेकर ही होगा काम
समान पक्षी विहार के पास का क्षेत्र प्रतिबंधित घोषित किए जाने के बाद अब वहां निर्माण कार्य अनुमति लेकर ही हो सकेंगे। होटल और रिसोर्ट का निर्माण, स्थायी निर्माण, प्रदूषण पैदा करने वाले लघु उद्योग की स्थापना नहीं हो सकेगी। पक्षी विहार क्षेत्र के पास अब बिना अनुमति के वृक्षों का कटान नहीं हो सकेगा।
समान पक्षी विहार को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। विभाग की योजना के तहत काम कराया जाएगा। रखरखाव और सैंदर्यीकरण के काम की समीक्षा के बाद अधिकारियों के आदेश पर काम होगा।
डीसी शुक्ला, डीएफओ