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बूथ तक पहुंचने में हांफ गईं पोलिंग पार्टियां
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 29 Oct 2015 02:04 AM IST
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बूथों तक पहुंचने में पोलिंग पार्टियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके चलते कई पोलिंग पार्टियां देरी से पहुंच सकीं। इसके बाद बूथ पर अव्यवस्थाओं के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे में मतदान कार्मिक काफी विचलित से दिखे। बटेश्वर के उस पार बसे बाह के कलियानपुर भरतार गांव में बूथ तक पहुंचने के लिए पहले नाव से यमुना को पार करना पड़ा, फिर पैदल भी चले।
बटेश्वर और कलियानपुरा भरतार के बीच यमुना पर पुल न होने से बुधवार को पोलिंग पार्टियों को खाली दिक्कत का सामना करना पड़ा। पोलिंग पार्टियों को पहले बटेश्वर तक बस से और फिर यमुना को नाव से पार करना पड़ा। इसके बाद लगभग एक किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी। तब कहीं जाकर मतदान केन्द्र तक पहुंचे। मतदान कार्मिकों ने बताया कि नाव के जरिये यमुना को पार करना खासा रोमांचित लगा। वहीं, चंबल के बीहड़ में बसे गुढ़ा गांव और यमुना के बीहड़ में बसे सुंसार गांव में पोलिंग पार्टियां देर से पहुंच पाई। बसों से दोनों गांवों की बीहड़ी रास्ते तक पोलिंग पार्टियां पहुंच गई। आगे लगभग पांच किमी कच्चे रास्ते के लिए पंचायत सचिवों को ट्रैक्टर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन दोपहर बाद तक ट्रैक्टर नहीं पहुंचा। सूचना पर एसडीएम ने सचिवों को फटकार लगाई। तब ट्रैक्टर की व्यवस्था कर पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया।
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मतदान केंद्रों पर मिली अव्यवस्थाएं
बाह। प्राथमिक विद्यालय धोबई के मतदान केन्द्र पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी। पीठासीन अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि अंधेरे में काम करना पड़ा। शौचालय भी बंद था। पोलिंग पार्टी को रात भर परेशान होना पड़ा। खेड़ा देवीदास के पंचायत घर मतदान केंद्र में शौचालय नहीं था। पोलिंग पार्टी को खुले में जाना पड़ा। पीठासीन अधिकारी एके सिंह ने बताया कि बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। ऐसे में मतदान पूर्व तैयारियां करने में दिक्कत हुई। जरार के मतदान केन्द्र में सामान भरा मिला। पीठासीन अधिकारी अजय सिंह और संजय अग्रवाल ने बताया कि हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा है। बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
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फोटो - बी एच 16,17,18,19।
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बटेश्वर और कलियानपुरा भरतार के बीच यमुना पर पुल न होने से बुधवार को पोलिंग पार्टियों को खाली दिक्कत का सामना करना पड़ा। पोलिंग पार्टियों को पहले बटेश्वर तक बस से और फिर यमुना को नाव से पार करना पड़ा। इसके बाद लगभग एक किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी। तब कहीं जाकर मतदान केन्द्र तक पहुंचे। मतदान कार्मिकों ने बताया कि नाव के जरिये यमुना को पार करना खासा रोमांचित लगा। वहीं, चंबल के बीहड़ में बसे गुढ़ा गांव और यमुना के बीहड़ में बसे सुंसार गांव में पोलिंग पार्टियां देर से पहुंच पाई। बसों से दोनों गांवों की बीहड़ी रास्ते तक पोलिंग पार्टियां पहुंच गई। आगे लगभग पांच किमी कच्चे रास्ते के लिए पंचायत सचिवों को ट्रैक्टर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन दोपहर बाद तक ट्रैक्टर नहीं पहुंचा। सूचना पर एसडीएम ने सचिवों को फटकार लगाई। तब ट्रैक्टर की व्यवस्था कर पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया।
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मतदान केंद्रों पर मिली अव्यवस्थाएं
बाह। प्राथमिक विद्यालय धोबई के मतदान केन्द्र पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी। पीठासीन अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि अंधेरे में काम करना पड़ा। शौचालय भी बंद था। पोलिंग पार्टी को रात भर परेशान होना पड़ा। खेड़ा देवीदास के पंचायत घर मतदान केंद्र में शौचालय नहीं था। पोलिंग पार्टी को खुले में जाना पड़ा। पीठासीन अधिकारी एके सिंह ने बताया कि बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। ऐसे में मतदान पूर्व तैयारियां करने में दिक्कत हुई। जरार के मतदान केन्द्र में सामान भरा मिला। पीठासीन अधिकारी अजय सिंह और संजय अग्रवाल ने बताया कि हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा है। बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
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