क्रिसमस का उत्साह : रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए गिरजाघरों में जन्मे प्रभु यीशु, बजे घंटे-घड़ियाल
पादरी टोला, मधु नगर, सेंट पैट्रिक, सेंट मेरीज, सेंट पॉल्स के परिसरों के साथ ही मसीह संस्थानों में झांकियां सजाई गईं। सर्व ईसाई महासभा के निक्सन दास ने बताया कि क्रिसमस का जश्न शुक्रवार की शाम से ही शुरू हो गया था।
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रंग-बिरंगी रोशनी में नहाए गिरजाघरों में सांझ ढलने के साथ ही उल्लास छा गया। मसीही विश्वासियों की निगाहें घड़ी की सुइयों पर जमी हुई थीं। झूमती है जिंदगी, झूमती कली-कली, आज आया है मसीह..., चरनी में चमका चमकीला सितारा...। बधाई गीतों के बीच पुरोहितों ने प्रभु यीशु के जन्म की पूजा शुरू की। बाल यीशु की मूर्ति का अभिषेक किया। 12 बजते ही गिरजाघरों के घंटे-घड़ियाल बजने लगे। खुशियां छा गईं।
प्रभु यीशु ने जन्म लिया
वजीरपुरा स्थित निष्कलंक माता महागिरजाघर (सेंट पीटर्स) में आर्च बिशप डॉ. राफी मंजलि ने पल्ली पुरोहितों के साथ जन्म की पूजा विधियां पूरी कीं। उन्होंने प्रवचन में कहा कि मानवता का उद्धार करने को प्रभु यीशु ने जन्म लिया है। हम सभी व्रत लें कि पीड़ित मानवता की सेवा करेंगे। एक दूसरे का साथ देंगे।
प्रभु के जन्म की पूजा करवाई
सेंट मेरीज चर्च में फादर स्टीफन, फादर मून लाजरस ने प्रभु के जन्म की पूजा करवाई। सेंट पैट्रिक चर्च, सेंट हैवलॉक चर्च, सेंट मेरी चर्च सिकंदरा, सेंट मेरी चर्च हॉस्पिटल रोड, सेंट पॉल्स चर्च, बैप्टिस्ट गिरजाघरों में कहीं शाम आठ बजे से तो कहीं रात 11 से 12 बजे तक जन्म की पूजा प्रार्थना की गईं। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया। सर्द हवाओं के बीच मसीही विश्वासियों ने गिरजाघरों में कैंडल जलाईं और बधाई गायन में हिस्सा लिया। देर रात तक मसीह संस्थानों और घरों में क्रिसमस का उल्लास छाया रहा। आगरा महाधर्म प्रांत के आध्यात्मिक निर्देशक फादर मून लाजरस और क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा ने सभी को शुभकामनाएं दीं।
चरनी की झांकियां और क्रिसमस ट्री सजाए
पादरी टोला, मधु नगर, सेंट पैट्रिक, सेंट मेरीज, सेंट पॉल्स के परिसरों के साथ ही मसीह संस्थानों में झांकियां सजाई गईं। सर्व ईसाई महासभा के निक्सन दास ने बताया कि क्रिसमस का जश्न शुक्रवार की शाम से ही शुरू हो गया था।
आज होंगी प्रार्थना सभाएं
फादर मून लाजरस ने बताया कि प्रभु के जन्म के बाद शनिवार की सुबह गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं होंगी। कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। प्रार्थना सभाओं के बाद प्रवचन होंगे।