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केंद्रीय हिंदी संस्थान में चीन के छात्रों को देश जाने का इंतजार, बढ़ाई गई वीजा अवधि
Tue, 12 May 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 12 May 2020 12:10 AM IST
सार
चीन भी नहीं पूछ रहा अपने देश के छात्रों को
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Flight
- फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में चीन के छह छात्र रह रहे हैं। सत्र पूरा हो चुका है। चीन सहित कई देशों के विद्यार्थियों को इंतजार है कि उनके देश से भी विशेष विमान आएगा और देश के बाकी नागरिकों के साथ उन्हें भी ले जाएगा। अभी तक छात्रों को भेजने के संबंध में दूतावास से कोई पत्र संस्थान को नहीं मिला है।
संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 28 देशों के करीब 87 छात्र-छात्राएं थे। अब 20 देशों के करीब 55 विद्यार्थी रह गए हैं। श्रीलंका, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, टर्की आदि देशों के छात्र-छात्राएं अपने देश जा चुके हैं।
संबंधित देशों से विमान अपने यहां के नागरिकों को लेने के लिए आए थे। छात्र-छात्राओं को भेजने की जिम्मेदारी संस्थान की होती है, फ्लाइटें बंद होने से वह इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 28 देशों के करीब 87 छात्र-छात्राएं थे। अब 20 देशों के करीब 55 विद्यार्थी रह गए हैं। श्रीलंका, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, टर्की आदि देशों के छात्र-छात्राएं अपने देश जा चुके हैं।
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संबंधित देशों से विमान अपने यहां के नागरिकों को लेने के लिए आए थे। छात्र-छात्राओं को भेजने की जिम्मेदारी संस्थान की होती है, फ्लाइटें बंद होने से वह इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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संस्थान के निदेशक प्रो. नंद किशोर पांडेय ने बताया कि जो विदेशी छात्र-छात्राएं रह गए हैं, जिनके वीजा की अवधि खत्म हो रही है, उसे मई अंत तक बढ़वाया जा रहा है। दूतावास से जिन देशों के छात्रों को भेजने के लिए पत्र प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें भेजा जा रहा है। बाद में फ्लाइट की किराए की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
केंद्रीय हिंदी संस्थान से उड़ीसा के 28 विद्यार्थी रवाना
वहीं केंद्रीय हिंदी संस्थान से उड़ीसा के 28 छात्र-छात्राएं रविवार को अपने घर के लिए रवाना हुए। सभी ने मिलकर रुपये एकत्रित किए और बस रिजर्व किया। एक सीट पर एक विद्यार्थी ही बैठा। लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद से ही छात्र-छात्राएं घर जाने की मांग कर रहे हैं।
संस्थान प्रशासन की ओर से इन्हें अनुमति भी दे दी गई थी। इस बीच रेल और बस सेवा बंद कर दी गई। इससे विद्यार्थी घर नहीं जा पाए। अभी कुछ दिन पहले संस्थान की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखकर छात्र छात्राओं को घर भेजने के इंतजाम करने की मांग की थी। इस बीच छात्रों ने उड़ीसा सरकार से भी पत्राचार किया और जिलाधिकारी आगरा से अनुमति लेने के बाद ही रविवार को बस के माध्यम से उड़ीसा के लिए रवाना हुए।
केंद्रीय हिंदी संस्थान से उड़ीसा के 28 विद्यार्थी रवाना
वहीं केंद्रीय हिंदी संस्थान से उड़ीसा के 28 छात्र-छात्राएं रविवार को अपने घर के लिए रवाना हुए। सभी ने मिलकर रुपये एकत्रित किए और बस रिजर्व किया। एक सीट पर एक विद्यार्थी ही बैठा। लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद से ही छात्र-छात्राएं घर जाने की मांग कर रहे हैं।
संस्थान प्रशासन की ओर से इन्हें अनुमति भी दे दी गई थी। इस बीच रेल और बस सेवा बंद कर दी गई। इससे विद्यार्थी घर नहीं जा पाए। अभी कुछ दिन पहले संस्थान की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखकर छात्र छात्राओं को घर भेजने के इंतजाम करने की मांग की थी। इस बीच छात्रों ने उड़ीसा सरकार से भी पत्राचार किया और जिलाधिकारी आगरा से अनुमति लेने के बाद ही रविवार को बस के माध्यम से उड़ीसा के लिए रवाना हुए।