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Agra News: बच्चों के हृदय में छेद, किडनी-लिवर के एसएन में होंगे ऑपरेशन
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एडवांस्ड बाल रोग अस्पताल। एआई निर्मित
आगरा। हृदय में छेद, किडनी-लिवर, पेट रोग समेत जन्मजात विकारों की एसएन मेडिकल कॉलेज में ही सर्जरी होगी। मरीजों को दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एसएन में बन रहे अत्याधुनिक बाल अस्पताल की डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब इसमें 350 बेड होंगे। अभी तक 200 बेड ही प्रस्तावित थे।
इंटीग्रेटेड प्लान के तहत एडवांस बाल रोग अस्पताल 10 मंजिला होगा। इसमें 350 बेड होंगे, जिसमें 50-50 बेड आईसीयू और एनआईसीयू के तय होंगे। इसमें बच्चों के हृदय में छेद, दिमाग की बीमारी, पेट रोग, लिवर-किडनी समेत कई तरह की सर्जरी हो सकेंगी। जन्मजात विकारों के ऑपरेशन और एंडोस्कॉपी की भी सुविधा होगी। बाल रोग सर्जरी और बाल रोग विभाग के अलग-अलग ब्लॉक बनेंगे।
अंतिम मंजिल पर माॅड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें आधुनिक मशीनें और उपकरण लगेंगे, जिससे आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस की मदद ली जाएगी। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बाल रोग अस्पताल में अति गंभीर रोगों की भी सर्जरी होगी। इसमें जांच, इलाज और ऑपरेशन की सुविधा होगी। निर्माण प्रक्रिया अगले महीने से शुरू हो जाएगी और करीब डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इससे आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलेगी।
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ओपीडी की भी मिलेगी सुविधा
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी परिसर भी बनेगा। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक विभिन्न मर्ज के आने वाले मरीजों की जांच करेंगे। खून समेत अन्य की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन सेंटर होगा। मरीज और तीमारदारों के लिए रिसेप्शन हॉल होगा। कंगारू मदर केयर यूनिट बनेगी।
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इंटीग्रेटेड प्लान के तहत एडवांस बाल रोग अस्पताल 10 मंजिला होगा। इसमें 350 बेड होंगे, जिसमें 50-50 बेड आईसीयू और एनआईसीयू के तय होंगे। इसमें बच्चों के हृदय में छेद, दिमाग की बीमारी, पेट रोग, लिवर-किडनी समेत कई तरह की सर्जरी हो सकेंगी। जन्मजात विकारों के ऑपरेशन और एंडोस्कॉपी की भी सुविधा होगी। बाल रोग सर्जरी और बाल रोग विभाग के अलग-अलग ब्लॉक बनेंगे।
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अंतिम मंजिल पर माॅड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें आधुनिक मशीनें और उपकरण लगेंगे, जिससे आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस की मदद ली जाएगी। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बाल रोग अस्पताल में अति गंभीर रोगों की भी सर्जरी होगी। इसमें जांच, इलाज और ऑपरेशन की सुविधा होगी। निर्माण प्रक्रिया अगले महीने से शुरू हो जाएगी और करीब डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इससे आसपास के जिलों के मरीजों को भी राहत मिलेगी।
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ओपीडी की भी मिलेगी सुविधा
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी परिसर भी बनेगा। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक विभिन्न मर्ज के आने वाले मरीजों की जांच करेंगे। खून समेत अन्य की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन सेंटर होगा। मरीज और तीमारदारों के लिए रिसेप्शन हॉल होगा। कंगारू मदर केयर यूनिट बनेगी।