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बच्चों की चार घंटे होगी पढ़ाई, लंच की भी छुट्टी
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आगरा। तीन से चार घंटे ही पढ़ाई। खेलकूद और पढ़ाई के बीच लंच भी नहीं। एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए स्कूल संचालकों ने यह कार्ययोजना बनाई है। रोजाना कक्षाओं का सैनिटाइजेशन भी किया जाएगा। बुधवार से कोरोना महामारी में पहली बार कक्षा एक से पांच तक के बच्चे स्कूल आएंगे।
अप्सा उपाध्यक्ष डॉ. गिरधर शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी में पहली बार एक सितंबर से एक से पांच तक की कक्षाएं लगेंगी। पढ़ाई के समय में कटौती की है और बच्चों को तीन से चार घंटे तक ही स्कूल में रोका जाएगा। खेलकूद और लंच में बच्चों में सामाजिक दूरी का पालन न होने के कारण इन पर रोक लगा दी है। कक्षाओं को रोज सैनिटाइजेशन भी करेंगे। वनस्थली स्कूल के वीके मित्तल ने बताया कि प्रवेश से पहले बच्चों के हाथों को सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे। सामाजिक दूरी के बारे में बच्चों को जागरूक भी किया जाएगा।
नप्सा अध्यक्ष संजय तोमर ने बताया कि शुरूआत में बच्चों की संख्या कम आने की आशंका है। जैसे-जैसे बच्चों की संख्या कक्षा में शत प्रतिशत होने लगेगी, तो रोस्टर से कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसमें 50-50 प्रतिशत की क्षमता से एक दिन छोड़कर बुलाया जाएगा।
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अप्सा अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने बताया कि करीब डेढ़ साल बाद कक्षा एक से पांच तक के बच्चे स्कूल आएंगे, कोरोना महामारी में उनकी मनोदशा भी बदली हुई होगी, ऐसे में शुरू से ही पढ़ाई का बोझ नहीं डालेंगे उनकी काउंसिलिंग कराने को भी स्कूलों संचालकों से कहा है।
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अप्सा उपाध्यक्ष डॉ. गिरधर शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी में पहली बार एक सितंबर से एक से पांच तक की कक्षाएं लगेंगी। पढ़ाई के समय में कटौती की है और बच्चों को तीन से चार घंटे तक ही स्कूल में रोका जाएगा। खेलकूद और लंच में बच्चों में सामाजिक दूरी का पालन न होने के कारण इन पर रोक लगा दी है। कक्षाओं को रोज सैनिटाइजेशन भी करेंगे। वनस्थली स्कूल के वीके मित्तल ने बताया कि प्रवेश से पहले बच्चों के हाथों को सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे। सामाजिक दूरी के बारे में बच्चों को जागरूक भी किया जाएगा।
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नप्सा अध्यक्ष संजय तोमर ने बताया कि शुरूआत में बच्चों की संख्या कम आने की आशंका है। जैसे-जैसे बच्चों की संख्या कक्षा में शत प्रतिशत होने लगेगी, तो रोस्टर से कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसमें 50-50 प्रतिशत की क्षमता से एक दिन छोड़कर बुलाया जाएगा।
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अप्सा अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने बताया कि करीब डेढ़ साल बाद कक्षा एक से पांच तक के बच्चे स्कूल आएंगे, कोरोना महामारी में उनकी मनोदशा भी बदली हुई होगी, ऐसे में शुरू से ही पढ़ाई का बोझ नहीं डालेंगे उनकी काउंसिलिंग कराने को भी स्कूलों संचालकों से कहा है।