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गर्मी में उल्टी-दस्त, पीलिया से बच्चे बेहाल: एसएन मेडिकल कॉलेज का वार्ड हुआ फुल, मासूमों का रखें ख्याल

Wed, 30 Mar 2022 12:45 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 30 Mar 2022 12:45 AM IST
सार

आगरा में भीषण गर्मी सितम ढहाने लगी है। ऐसे में बच्चों का विशेष ख्याल रखें। बीते 10 दिनों में एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। 

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children suffering from vomiting and diarrhea in summer ward full of SN Medical College
बाल रोग विभाग के वार्ड में भर्ती बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में पारा 42 के पार पहुंच गया है। गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। लगातार बढ़ती गर्मी से बच्चों में उल्टी, दस्त, पीलिया के मरीजों की संख्या दो गुना बढ़ गई है। भर्ती होने वालों की संख्या डेढ़ गुना है। इससे एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग का वार्ड लगभग फुल चल रहा है। 

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बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 140 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इमसें से 100-110 बच्चों को डायरिया के कारण उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, पीलिया, अस्थमा, बुखार की परेशानी मिल रही हैं। बीते 10 दिन में इसके मरीजों की संख्या दोगुना हुई है। होली से पहले ऐसे मरीजों की संख्या 50-60 ही थी। लेकिन अब तेज गर्मी और दूषित पानी-भोजन के कारण संख्या दो गुना हुई है। 
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रोजाना 10-15 बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। इसमें घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पीलिया के मामले ज्यादा आ रहे हैं। दस दिन पहले तक भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या रोजाना पांच से सात ही थी। मरीज बढ़ने के कारण बाल रोग विभाग में 102 बेड का वार्ड लगभग फुल चल रहा है। 

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इमरजेंसी में आसपास जिलों के भी आ रहे बच्चे

बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में आगरा समेत फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कासगंज, भरतपुर समेत आसपास के जिलों से भी बच्चे आ रहे हैं। रोजाना 15 से अधिक बच्चे भर्ती हो रहे हैं, इसमें से तीन से पांच बच्चों की हालत खराब मिल रही है।

निजी डॉक्टरों के यहां भी उल्टी-दस्त के मरीज

निजी बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भी ओपीडी में आने वाले बच्चों में 70 फीसदी को उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, बुखार की परेशानी मिल रही है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कात्याल ने बताया कि बच्चे फास्टफूड, बाजार में बिकने वाली सामग्री ज्यादा खा रहे हैं, इससे डायरिया हो रहा है। 

बच्चों को धूप और दूषित भोजन से बचाएं:
बच्चों को आरओ या फिर उबालकर ही पानी पिलाएं।
बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खाने से बचाएं।
बासी भोजन और तेल-चिकनाईयुक्त खाने से बचाएं।
बच्चों को सुबह-शाम ही खेलने दें, धूप से बचाएं। 
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं। 
बच्चों को अभी कूलर के सामने सुलाने से बचें।

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