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बाल कल्याण समिति ने दूसरी बार नाबालिग की शादी रोकी
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मैनपुरी। भोगांव थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग बालिका की दूसरी बार परिजनों ने शादी करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची बाल कल्याण समिति की टीम ने शादी रुकवाते हुए छात्रा की पढ़ाई के लिए उसका प्रवेश नजदीकी स्कूल में कराने के निर्देश दिए हैं।
भोगांव थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बालिका के पिता का निधन हो चुका है। नाबालिग बालिका की शादी उसकी मां ने पहले 24 अगस्त 2020 को करनी चाही थी। उस समय बाल कल्याण समिति ने शादी रुकवाते हुए लड़की को उसकी मां की सुपुर्दगी में दे दिया था। दूसरी बार 14 मार्च को फिर से परिजनों ने नाबालिक लड़की की शादी कराने का प्रयास किया। सूचना पर बाल कल्याण समिति ने शादी रुकवाते हुए बालिका और उसकी मां से बात की। बालिका ने बताया कि वह पढ़ाई करना चाहती है।
इसके बाद बाल कल्याण समिति/ न्यायपीठ, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के यहां सुनवाई हुई। इसके बाद बालिका की पढ़ाई के लिए नजदीकी स्कूल में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही उसकी शादी उसके बालिग होने तक रोके जाने के निर्देश दिए गए।
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बालिका को एक बार फिर से उसकी मां की सुुपुर्दगी में देते हुए चेतावनी दी गई है कि वे हर तारीख पर बालिका को लकर उपस्थित होंगी तथा बालिका के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, आराधना गुप्ता, रामप्रताप सिंह चौहान, ऋषि कुमार, राजीव कुमार, अंजली मिश्रा, मनीू, रूबी सिद्दीकी आदि लोग मौजूद रहे।
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भोगांव थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बालिका के पिता का निधन हो चुका है। नाबालिग बालिका की शादी उसकी मां ने पहले 24 अगस्त 2020 को करनी चाही थी। उस समय बाल कल्याण समिति ने शादी रुकवाते हुए लड़की को उसकी मां की सुपुर्दगी में दे दिया था। दूसरी बार 14 मार्च को फिर से परिजनों ने नाबालिक लड़की की शादी कराने का प्रयास किया। सूचना पर बाल कल्याण समिति ने शादी रुकवाते हुए बालिका और उसकी मां से बात की। बालिका ने बताया कि वह पढ़ाई करना चाहती है।
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इसके बाद बाल कल्याण समिति/ न्यायपीठ, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के यहां सुनवाई हुई। इसके बाद बालिका की पढ़ाई के लिए नजदीकी स्कूल में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही उसकी शादी उसके बालिग होने तक रोके जाने के निर्देश दिए गए।
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बालिका को एक बार फिर से उसकी मां की सुुपुर्दगी में देते हुए चेतावनी दी गई है कि वे हर तारीख पर बालिका को लकर उपस्थित होंगी तथा बालिका के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, आराधना गुप्ता, रामप्रताप सिंह चौहान, ऋषि कुमार, राजीव कुमार, अंजली मिश्रा, मनीू, रूबी सिद्दीकी आदि लोग मौजूद रहे।