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बुखार से बरहन में बालक की मौत, 50 से ज्यादा बीमार
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बरहन। बुखार से पीड़ित सराय जयराम गांव में मंगलवार को 12 वर्षीय दीपक पुत्र धर्मवीर की मौत हो गई। उसे तीन दिन से बुखार आ रहा था। मौत से गांव में हड़कंप मच गया। यहां 50 से ज्यादा लोग बीमार हैं। सोमवार को ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर लोगों की जांच कर दवाएं दी थी। 35 लोगों के खून का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था।
मृतक के चाचा बनी सिंह ने बताया कि दीपक को तीन दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जा रहे थे। पर, रास्ते में ही मौत हो गई। दीपक के पिता धर्मवीर गुजरात में मजदूरी करते हैं। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 50 से अधिक लोग बीमार हैं, जिनमें बच्चों की संख्या अधिक है। बीमारों में करन (6), हेमलता (30) पत्नी मनोज कुमार, कृष्णा (2), पुत्र मनोज, दीपक (10 पुत्र हेतराम, शिवम (17) का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर के अधीक्षक डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम ने जाकर लोगों को दवाएं दी थी। एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया गया है। ग्रामीण बीमारी से बचने के उपाय नही कर रहे है । ज्यादातर ग्रामीण सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बजाय झोलाछाप से दवाएं ले रहे हैं। शिविर में गई टीम को कई घरों में रखे कूलर की टंकी में पानी और उसमें मच्छर भी मिले थे। लोगों से कहकर टंकियां खाली कराई गई थीं।
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इसका रखें ध्यान
- बुखार आने पर झोलाछाप के बजाय सरकारी अस्पताल में जाकर दवा लें
- वायरल बुखार में केवल पैरासीटामोल का प्रयोग करने।
- पानी अधिक से अधिक पीने की कोशिश करें।
- आसपास गंदगी और जलभराव नहीं होने दें।
(डॉ. राजवीर सिंह, सीएचसी एत्मादपुर)
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मृतक के चाचा बनी सिंह ने बताया कि दीपक को तीन दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जा रहे थे। पर, रास्ते में ही मौत हो गई। दीपक के पिता धर्मवीर गुजरात में मजदूरी करते हैं। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 50 से अधिक लोग बीमार हैं, जिनमें बच्चों की संख्या अधिक है। बीमारों में करन (6), हेमलता (30) पत्नी मनोज कुमार, कृष्णा (2), पुत्र मनोज, दीपक (10 पुत्र हेतराम, शिवम (17) का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर के अधीक्षक डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम ने जाकर लोगों को दवाएं दी थी। एंटीलार्वा का छिड़काव भी कराया गया है। ग्रामीण बीमारी से बचने के उपाय नही कर रहे है । ज्यादातर ग्रामीण सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बजाय झोलाछाप से दवाएं ले रहे हैं। शिविर में गई टीम को कई घरों में रखे कूलर की टंकी में पानी और उसमें मच्छर भी मिले थे। लोगों से कहकर टंकियां खाली कराई गई थीं।
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इसका रखें ध्यान
- बुखार आने पर झोलाछाप के बजाय सरकारी अस्पताल में जाकर दवा लें
- वायरल बुखार में केवल पैरासीटामोल का प्रयोग करने।
- पानी अधिक से अधिक पीने की कोशिश करें।
- आसपास गंदगी और जलभराव नहीं होने दें।
(डॉ. राजवीर सिंह, सीएचसी एत्मादपुर)