Agra: नाले में गिरकर बालक की मौत, ग्रामीणों का आरोप- अधिकारियों की लापरवाही से गई जान; 10 साल से पिता है लापता
बच्चा अपने दोस्तों के साथ नाले के पास खेल रहा था। तभी नाले के किनारे पर रखी गंदगी पर उसका पैर फिसल गया और नाले में डूब गया।
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आगरा के ब्लॉक बिचपुरी के गांव लडामदा में शुक्रवार को नासिर की नाले में गिरकर मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। वहीं ग्रामीणों ने अधिकारियों की लापरवाही से बालक की जान गई है।
लडामदा के रहने वाले भजनलाल ने बताया है कि कॉमन फैकल्टी सेंटर वर्क शॉप के बगल से नाला बना हुआ है। उसकी गहराई लगभग चार फुट है। भजनलाल के मुताबिक, करीब चार दिन पूर्व ब्लॉक के अधिकारियों ने जेसीबी से नाले की सफाई कराई थी। अधिकारियों ने नाले से निकली गंदगी के ढेर को हटवाने के बजाय नाले के किनारे पर रख दिया।
शुक्रवार दोपहर को नासिर (9 वर्ष) पुत्र अनीश अपने दोस्तों के साथ नाले के पास खेल रहा था। तभी नाले के किनारे पर रखी गंदगी पर उसका पैर फिसल गया और नाले में डूब गया। ग्रामीणों ने नासिर को बाहर निकाला। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चौकी इंचार्ज बिचपुरी दीपक कुमार का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं है।
दस साल पूर्व लापता हो चुका है पिता
वहीं म्रतक की मां मुस्कान ने बताया है कि नासिर के पिता अनीश आगरा की एक जूता फैक्टरी में मजदूर थे। दस साल पूर्व वे घर से फैक्टरी में काम करने गए थे। लेकिन आज तक वापस नहीं लौटे। वह मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। नासिर की मौत से उसके बडे भाई मनीष, रिगाज, ईश्ताक और बहन ईशाना का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों में अधिकारियों के खिलाफ रोष
वहीं नाले में गिरकर बालक की मौत हो जाने से ग्रामीणों में अधिकारियों के खिलाफ रोष है। उनका कहना है कि अगर अधिकारियों ने गंदगी के ढेर को हटवाया होता तो नासिर की जान नहीं जाती। ग्रामीणों के अनुसार एक बुजुर्ग और एक बाइक सवार भी नाले में गिर चुके हैं। उन्होंने नाले के किनारे रखे गंदगी के ढ़ेर को हटवाने की मांग की है। मांग करने वालों में पूर्व प्रधान कृपाल सिंह, ईशाक मोहम्मद, गुलशेर खां, परवेज, बहादुर सिंह, नाहर सिंह आदि लोग हैं।