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Chaturmas 2022: भगवान विष्णु चार माह तक रहेंगे योग निद्रा में, मांगलिक कार्यों पर रहेगा विराम, इन राशियों के लिए लाभ के संकेत
Thu, 07 Jul 2022 07:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 07 Jul 2022 07:13 PM IST
सार
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा में चले जाते हैं। देवशयनी एकादशी इस बार 10 जुलाई को है।
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भगवान विष्णु
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विस्तार
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व होता है। हर महीने में दो बार एकादशी तिथि पड़ती है। वहीं आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का खास महत्व है। इसे देवशयनी एकादशी कहते हैं। ये एकादशी 10 जुलाई को है। इस तारीख से चार माह के लिए मांगलिक कार्यक्रमों पर ब्रेक लग जाते हैं। 10 जुलाई से 24 नवंबर तक शादी विवाद, गृह प्रवेश, व्यापारिक प्रतिष्ठानों का शुभारंभ सहित विभिन्न मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। इन चतुर्मास के दौरान भजन, पूजन, व्रत, नियम संयम सहित भागवत कथा शुरू हो जाएंगी।
मथुरा के ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन से शादी, गृहप्रवेश, नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार आदि शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। मान्यता है कि विष्णु भगवान सहित सभी देव 4 महीने को शयन कर जाते हैं। 4 नवंबर को देव प्रबोधिनी एकादशी है। इस दिन से मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने की परंपरा है, लेकिन इस बार देव प्रबोधिनी एकादशी के बाद भी 24 नवंबर तक शुक्र अस्त चलेगा। ऐसे में इसके बाद ही पंचांग के मुताबिक मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
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मथुरा के ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन से शादी, गृहप्रवेश, नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार आदि शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। मान्यता है कि विष्णु भगवान सहित सभी देव 4 महीने को शयन कर जाते हैं। 4 नवंबर को देव प्रबोधिनी एकादशी है। इस दिन से मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने की परंपरा है, लेकिन इस बार देव प्रबोधिनी एकादशी के बाद भी 24 नवंबर तक शुक्र अस्त चलेगा। ऐसे में इसके बाद ही पंचांग के मुताबिक मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो सकेंगे।
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