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Agra News: स्टेडियम में महिला दिवस पर दौड़ के दौरान हंगामा
Mon, 09 Mar 2026 02:41 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 09 Mar 2026 02:41 AM IST
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स्टेडियम में हुआ विवाद।
आगरा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकलव्य स्टेडियम में आयोजित महिला दौड़ प्रतियोगिता के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर विवाद हो गया। एथलेटिक्स कोच कल्पना चौधरी कार्यक्रम के दौरान आयोजकों पर भड़क गईं। जिला युवा खेल अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सहगल से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई।
प्रतियोगिता के दौरान कल्पना चौधरी ने सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के सामने पानी और अन्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में ऑफिशियल और सहयोगी स्टाफ के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया और खाने की गुणवत्ता भी खराब थी। भोजन में फफूंद तक लगी हुई थी और कई जरूरी व्यवस्थाएं भी ठीक से नहीं की गई थीं।
कोच ने कहा कि यदि आयोजन सही ढंग से नहीं कराया जा सकता तो भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नहीं कराए जाने चाहिए। उन्होंने ऑफिशियल को तत्काल नकद भुगतान किए जाने की भी मांग की और कम मानदेय दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। इस पर जिला युवा अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सहगल ने कल्पना चौधरी के बात करने के लहजे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना ठीक नहीं है। सहगल ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकारी आयोजन है और सभी भुगतान शासन के नियमों के अनुसार प्रतिभागियों व ऑफिशियल के बैंक खातों में ही किए जाएंगे।
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विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद आरएसओ संजय शर्मा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत कराई और मामले को शांत कराया। बाद में कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा, हालांकि स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच इस घटना की चर्चा देर तक होती रही। स्थानीय खेल जगत में भी इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। कई लोगों का मानना है कि बड़े आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर पहले से बेहतर समन्वय और संवाद होना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हों।
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प्रतियोगिता के दौरान कल्पना चौधरी ने सार्वजनिक रूप से अधिकारियों के सामने पानी और अन्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में ऑफिशियल और सहयोगी स्टाफ के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया और खाने की गुणवत्ता भी खराब थी। भोजन में फफूंद तक लगी हुई थी और कई जरूरी व्यवस्थाएं भी ठीक से नहीं की गई थीं।
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कोच ने कहा कि यदि आयोजन सही ढंग से नहीं कराया जा सकता तो भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नहीं कराए जाने चाहिए। उन्होंने ऑफिशियल को तत्काल नकद भुगतान किए जाने की भी मांग की और कम मानदेय दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। इस पर जिला युवा अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सहगल ने कल्पना चौधरी के बात करने के लहजे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना ठीक नहीं है। सहगल ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकारी आयोजन है और सभी भुगतान शासन के नियमों के अनुसार प्रतिभागियों व ऑफिशियल के बैंक खातों में ही किए जाएंगे।
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विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद आरएसओ संजय शर्मा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत कराई और मामले को शांत कराया। बाद में कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा, हालांकि स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच इस घटना की चर्चा देर तक होती रही। स्थानीय खेल जगत में भी इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। कई लोगों का मानना है कि बड़े आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर पहले से बेहतर समन्वय और संवाद होना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हों।