{"_id":"6286868e07d2016505729823","slug":"changed-the-route-of-ht-line-overnight-without-estimate-mainpuri-news-agr5340860127","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना एस्टीमेट रातों-रात बदल दिया एचटी लाइन का रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना एस्टीमेट रातों-रात बदल दिया एचटी लाइन का रास्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी/घिरोर। विद्युत निगम के कर्मचारियों ने घिरोर में रातभर में एचटी लाइन का रास्ता बदलकर पुरानी लाइन के खंभे तक गायब कर दिये। बिना एस्टीमेट के ये कार्य कर विद्युत निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
मामला विद्युत उपकेंद्र घिरोर क्षेत्र से जुड़ा है। यहां कोसोन की ओर जा रही एचटी लाइन का रातों-रात रास्ता बदल दिया गया। जसराना रोड पर जाने वाले मार्ग के किनारे उसनीधा फीडर से एचटी लाइन निकली हुई है। हाल ही में एक कोल्ड स्टोर और ईदगाह के बीच में कुछ लोगों ने प्लाटिंग शुरू की थी। बिजली की एचटी लाइन प्लॉटिंग के बीच में आ रही थी। लाइन हटाने के लिए अधिकारियों से साठगांठ कर प्रॉपटी डीलर ने रातों-रात लाइन का रास्ता ही बदलवा दिया।
विद्युत निगम के कर्मचारियों ने खुद रात में लाइन के तार उतारने के साथ ही बिजले के खंभे भी तोड़ दिए। लाइन को दूसरी जगह से घुमाव देकर नए खंभों से जोड़ दिया गया। सुबह जब लोग सोकर उठे तो देखा कि लाइन का रास्ता ही बदल गया है। पुरानी लाइन पर केवल एक खंभा ही बचा है। लोगों का का कहना है कि अगर जांच हुई तो कई अधिकारियों व लाइनमैन पर गाज गिर सकती है। एसडीओ उपेंद्र राय का कहना है कि लाइन हटाकर जोड़ी गई थी, अगर लाइन का रास्ता बदला गया है तो इस बारे में जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
ये है लाइन को हटवाने का नियम
अगर कोई व्यक्ति विद्युत निगम की लाइन को हटवाना चाहता है निगम में आवेदन करना होगा। निजी जमीन से लाइन को हटाकर दूसरी जगह से गुजारने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट विद्युत निगम तैयार करता है। इसमें लगने वाले तार, बिजली के खंभे व अन्य खर्च का वहन खुद लाइन हटवाने वाले को वहन करना पड़ता है। औसतन 50 मीटर की लाइन हटवाने में एक लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार होता है। इससे विद्युत निगम को बड़ा राजस्व प्राप्त होता है।
विज्ञापन
मामला विद्युत उपकेंद्र घिरोर क्षेत्र से जुड़ा है। यहां कोसोन की ओर जा रही एचटी लाइन का रातों-रात रास्ता बदल दिया गया। जसराना रोड पर जाने वाले मार्ग के किनारे उसनीधा फीडर से एचटी लाइन निकली हुई है। हाल ही में एक कोल्ड स्टोर और ईदगाह के बीच में कुछ लोगों ने प्लाटिंग शुरू की थी। बिजली की एचटी लाइन प्लॉटिंग के बीच में आ रही थी। लाइन हटाने के लिए अधिकारियों से साठगांठ कर प्रॉपटी डीलर ने रातों-रात लाइन का रास्ता ही बदलवा दिया।
विज्ञापन
विद्युत निगम के कर्मचारियों ने खुद रात में लाइन के तार उतारने के साथ ही बिजले के खंभे भी तोड़ दिए। लाइन को दूसरी जगह से घुमाव देकर नए खंभों से जोड़ दिया गया। सुबह जब लोग सोकर उठे तो देखा कि लाइन का रास्ता ही बदल गया है। पुरानी लाइन पर केवल एक खंभा ही बचा है। लोगों का का कहना है कि अगर जांच हुई तो कई अधिकारियों व लाइनमैन पर गाज गिर सकती है। एसडीओ उपेंद्र राय का कहना है कि लाइन हटाकर जोड़ी गई थी, अगर लाइन का रास्ता बदला गया है तो इस बारे में जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
ये है लाइन को हटवाने का नियम
अगर कोई व्यक्ति विद्युत निगम की लाइन को हटवाना चाहता है निगम में आवेदन करना होगा। निजी जमीन से लाइन को हटाकर दूसरी जगह से गुजारने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट विद्युत निगम तैयार करता है। इसमें लगने वाले तार, बिजली के खंभे व अन्य खर्च का वहन खुद लाइन हटवाने वाले को वहन करना पड़ता है। औसतन 50 मीटर की लाइन हटवाने में एक लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार होता है। इससे विद्युत निगम को बड़ा राजस्व प्राप्त होता है।