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UP: गर्मी की वजह से सिकुड़ गई चंबल की धार, डीप पूल में पहुंची डॉल्फिन; अभी नहीं...वो रोमांच

Mon, 26 May 2025 10:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 26 May 2025 10:02 AM IST
सार

गर्मी की वजह से चंबल नदी की धार सिकुड़ गई है। जिसके कारण डॉल्फिन डीप पूल में पहुंच गई है। इस वजह से सैलानी और तटीय गांव के लोग गोते लगाने के रोमांचक नजारे नहीं देख पा रहे हैं। 

 

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Chambal river's edge shrank due to heat dolphins reached the deep pool
डॉल्फिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 चंबल नदी गर्मी के कारण बाह क्षेत्र में काफी उथली हो गई है। पानी इतना कम हो गया है कि लोग पैदल ही नदी पार करने लगे हैं। धार सिकुड़ने से राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन के गोते लगाने का रोमांच सैलानी और तटीय गांवों के लोग नहीं देख पा रहे हैं। डॉल्फिन 14 डीप पूल (40 से 60 फीट गहराई वाले पानी का क्षेत्र) तक सिमट कर रह गई हैं।
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नदी का जलस्तर घटने पर डॉल्फिन गौंसिली, पिनाहट, सिमराई, नदगवां, महुआशाला, मुकुटपुरा, रानीपुरा, गुढ़ा, उदयपुर खुर्द, मऊ, नाउली, रेहा, चीकनीपुरा, बनकटी, क्यारी के डीप पूल में चली गई हैं। वर्ष 1996 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) के लुप्तप्राय जलीय जीवों में शुमार डॉल्फिन को 5 अक्तूबर 2009 को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। तब से चंबल नदी में इनका संरक्षण हो रहा है।

बाह रेंज में 25 के करीब इनकी संख्या है। ये भारत, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान में ही बची हैं। बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने की वजह से डॉल्फिन की गतिविधियां डीप पूल तक सीमित रह गई हैं।

 
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जल का बाघ मानी जाती हैं डॉल्फिन
स्थलीय पारिस्थितिकी में जो स्थान बाघ का होता है, जलीय पारिस्थितिकी में वही स्थान डॉल्फिन का है। रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि डॉल्फिन की मौजूदगी चंबल के पानी के स्वच्छता का सूचक माना जाता है। डॉल्फिन जल के अंदर रहकर मछलियों की भांति शिकार करती है। बार-बार छलांग लगाकर पानी के बाहर आकर सांस लेती हैं। ये 10 से 15 मिनट तक पानी के अंदर रह सकती हैं। मादा डॉल्फिन का गर्भकाल 9 से 11 महीने का होता है। मार्च से अक्तूबर के मध्य 2 से 3 वर्षो में एक बार में एक ही बच्चे को जन्म देती हैं।
 
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