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Agra News: आज से चालीहा महोत्सव, 40 दिन तक होगी झूलेलाल की आराधना
Thu, 16 Jul 2026 02:38 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:38 AM IST
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आगरा। सिंधी समाज का धार्मिक पर्व चालीहा महोत्सव बृहस्पतिवार से शुरू होगा। भगवान झूलेलाल की आराधना को समर्पित यह 40 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान सिंधी समाज में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान श्रद्धालु कठिन नियमों और संयम का पालन करते हुए भगवान झूलेलाल की उपासना करते हैं।
आगरा सिंधी समाज प्रमुख पुरोहित बंटी महाराज बताते हैं कि चालीहा महोत्सव के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु 40 दिनों तक विशेष धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। मान्यता के अनुसार, व्रतधारी श्रद्धालु पूरे 40 दिन तक नंगे पैर रहते हैं और जमीन पर शयन करते हैं। कई श्रद्धालु इस अवधि में बाल भी नहीं कटवाते और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान झूलेलाल की आराधना में लीन रहते हैं। महोत्सव के दौरान सुबह और शाम भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, आरती और प्रार्थना के माध्यम से भगवान झूलेलाल का स्मरण करते हैं।
सिंधी सेंट्रल पंचायत चंद्रप्रकाश सोनी बताते हैं कि 40 दिनों की साधना पूरी होने के बाद चालीहा महोत्सव का समापन विशेष धार्मिक कार्यक्रम के साथ किया जाता है। अंतिम दिन श्रद्धालु भगवान झूलेलाल की बहराणा ज्योत को विधि-विधान से यमुना या गंगा नदी में विसर्जित करते हैं।
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आगरा सिंधी समाज प्रमुख पुरोहित बंटी महाराज बताते हैं कि चालीहा महोत्सव के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु 40 दिनों तक विशेष धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। मान्यता के अनुसार, व्रतधारी श्रद्धालु पूरे 40 दिन तक नंगे पैर रहते हैं और जमीन पर शयन करते हैं। कई श्रद्धालु इस अवधि में बाल भी नहीं कटवाते और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान झूलेलाल की आराधना में लीन रहते हैं। महोत्सव के दौरान सुबह और शाम भगवान झूलेलाल की ज्योत प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, आरती और प्रार्थना के माध्यम से भगवान झूलेलाल का स्मरण करते हैं।
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सिंधी सेंट्रल पंचायत चंद्रप्रकाश सोनी बताते हैं कि 40 दिनों की साधना पूरी होने के बाद चालीहा महोत्सव का समापन विशेष धार्मिक कार्यक्रम के साथ किया जाता है। अंतिम दिन श्रद्धालु भगवान झूलेलाल की बहराणा ज्योत को विधि-विधान से यमुना या गंगा नदी में विसर्जित करते हैं।
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