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Cashless Treatment: सड़क हादसे में घायलों को मुफ्त इलाज, पांच महीने बाद भी जमीन पर नहीं उतरी ये योजना

Tue, 30 Sep 2025 08:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 30 Sep 2025 08:21 AM IST
सार

सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों की कैशलेस इलाज योजना 2025 केंद्र सरकार ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर में लागू कर दी। मगर 5 महीने बीतने के बाद भी सरकार के पास कोई आंकड़े नहीं हैं कि प्रतिमाह कितने सड़क हादसों के पीड़ित इस योजना से लाभान्वित हुए।

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Cashless treatment scheme fails to take off: No data even after 5 months of Supreme Court order,
road accident - फोटो : amar ujala

विस्तार

इलाज की रकम का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से बनाए फंड से ही होना है। इस बात का खुलासा अधिवक्ता केसी जैन ने किया। उन्हें इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से सूचना प्राप्त हुई है। अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी। इसमें केंद्र सरकार ने खुद माना है कि उनके पास जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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यह स्थिति बेहद अजीब है, क्योंकि योजना केंद्र सरकार ने ही शुरू की और फंड भी सरकार ही दे रही है। सुप्रीम कोर्ट में इस योजना को प्रचारित प्रसारित करने के भी निदेश दिए गए थे लेकिन जन सामान्य को इस योजना की अभी कोई जानकारी नहीं है। इसके संबंध में भी सरकारों को पहल करनी होगी।
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अधिवक्ता ने बताया कि उपलब्ध सूचना में बताया गया है कि सड़क हादसों में ट्राॅमा के ज्यादातर इलाज 7 दिन और 1.50 लाख में हो जाते हैं। हालांकि सड़क हादसे के पीड़ित परिवार जानते हैं कि गंभीर ऑपरेशन, आईसीयू और लंबा इलाज इतनी रकम में नहीं हो पाता है। इस मुद्दे पर एक अन्य याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है।
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इस पर अधिवक्ता का कहना है कि कैशलेस इलाज की याचिका सुप्रीम कोर्ट में इसलिए दाखिल की गई थी कि कोई घायल सड़क पर तड़पते हुए न मरे। हर परिवार को बिना सोचे-समझे इलाज मिल सके। मगर 5 महीने बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतरी है।

 
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