UP: कबाड़ से संवरेगा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर, मूर्तिकला विभाग के विद्यार्थी प्रदान करेंगे आकृति
आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर कबाड़ से संवरेगा। मूर्तिकला विभाग के विद्यार्थी आकृति प्रदान करेंगे। इसकी तैयारी कर ली गई है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पुराने भवनों, फर्नीचर आदि का कबाड़ ही उसकी शोभा बढ़ाएगा। ललित कला संस्थान के मूर्तिकला विभाग के विद्यार्थी कबाड़ को विभिन्न विभागों के आधार पर आकृति प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय के सभी परिसर कबाड़ से बनने वाली आकर्षक आकृतियों से संवरेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यालयों, शिक्षण व आवासीय संस्थानों से कबाड़ एकत्रित कराने शुरू कर दिए हैं। इनमें से जरूरत का कबाड़ ललित कला संस्थान के मूर्तिकला विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गणेश कुशवाह ने बताया कि कुलपति की मंशा के अनुरूप कबाड़ से सुंदर आकृतियां तैयार किए जाने का काम शुरू कराया जा रहा है। यह एक अच्छी पहल है। इसके कई फायदे होंगे। विद्यार्थियों को काम मिलेगा। कबाड़ का सही इस्तेमाल हो जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की प्रतिभा से लोग रूबरू होंगे।
परीक्षाओं के बाद होगा काम
वनस्पति विभाग के लिए मूर्तिकला के विद्यार्थी पेड़-पौधे, फूल आदि बनाएंगे। इसी तरह जंतु विज्ञान विभाग के लिए जीव-जंतुओं की आकृति उकेरी जाएगी। रसायन विज्ञान विभाग, इंजीनियरिंग संस्थान आदि के लिए भी विद्यार्थी आकृतियां बनाएंगे। मूर्तिकला विभाग में विशेषज्ञता वाले 20 विद्यार्थी हैं। 30 तक परीक्षाएं, इसके बाद काम तेजी से काम किया जाएगा। शुरूआत एक-दो दिन में ही हो जाएगी।
जी-20 के तहत अच्छा काम किया
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि मूर्तिकला विभाग के विद्यार्थियों ने जी-20 के तहत अच्छा काम किया। मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर वेस्ट टू वंडर पार्क में अपनी कला का प्रदर्शन किया। संजय प्लेस में कॉसमॉस मॉल के सामने कबाड़ से मोर आदि बनाए। विद्यार्थियों की प्रतिभा को और निखारने के लिए मंच दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के सभी परिसरों में इन विद्यार्थियों का काम दिखेगा। विश्वविद्यालय से निकलने वाला कबाड़ इनको उपलब्ध कराया जा रहा है।