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UP: झोपड़ी उड़ाई, पक्के निर्माण छोड़ दिए...एनएचएआई का गरीबों पर ही चला जोर, दोहरी नीति पर उठे सवाल
Wed, 03 Sep 2025 09:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 03 Sep 2025 09:12 AM IST
सार
आगरा के छलेसर में एनएचएआई की कार्रवाई से दुकानदार परेशान हैं। हैरानी की बात तो ये है कि एनएचएआई का जोर भी गरीबों पर ही चला। गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ दी गईं, लेकिन पक्के निर्माण को हाथ तक नहीं लगाया गया।
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एनएचएआई की कार्रवाई
- फोटो : संवाद न्यूज
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विस्तार
आगरा-मथुरा हाईवे पर छलेसर स्थित झरना नाले के पास सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। शाहदरा चुंगी से चलाए गए अभियान के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने अवैध रूप से झाेपड़ियों में चलाई जा रही पेठा व अन्य दुकानों को तोड़ दिया। पक्की दुकानों पर बुलडोजर न चलने पर लोगों ने नाराजगी जताई।
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स्थानीय दुकानदार गोपाल ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई बड़े पेठा और नमकीन व्यापारियों के दबाव में की गई है। दुकानदार सतीश यादव ने बताया कि वह सात साल से हाईवे किनारे झोपड़ी डालकर पेठा, नमकीन, चाय, गुटखा, बीड़ी इत्यादि सामान बेचकर अपना परिवार चला रहे हैं। सिर्फ उन लोगों की दुकानों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई जबकि बीच में बनी पक्की दुकानों को छुआ भी नहीं गया।
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हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी आरोपों को नकार रहे हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप यादव ने बताया कि सभी को पूर्व में नोटिस दिया गया था। मियाद पूरी होने के बाद कार्रवाई की गई है। पक्के निर्माण वालों को दो दिन में खुद निर्माण तोड़ लेने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर वह खुद नहीं हटाते हैं तो प्राधिकरण अवैध कब्जों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
दुकानदारों पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
झरना नाला स्थित हाईवे किनारे दुकान चला रहे स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि 3 साल पहले भी प्रशासन ने दुकान में हटवाने की कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन बाद में हम लोगों ने दुकानों को फिर से स्थापित कर लिया। लेकिन इस बार प्रशासनिक अधिकारी एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देकर गए हैं।
झरना नाला स्थित हाईवे किनारे दुकान चला रहे स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि 3 साल पहले भी प्रशासन ने दुकान में हटवाने की कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन बाद में हम लोगों ने दुकानों को फिर से स्थापित कर लिया। लेकिन इस बार प्रशासनिक अधिकारी एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देकर गए हैं।