{"_id":"68393a711755dc39a10e31a3","slug":"bulldozer-ran-on-cattle-shed-in-tourist-village-barara-pond-land-was-freed-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: पर्यटन गांव बरारा में पशुबाड़े पर चला बुलडोजर, मुक्त कराई गई पोखर की जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: पर्यटन गांव बरारा में पशुबाड़े पर चला बुलडोजर, मुक्त कराई गई पोखर की जमीन
Fri, 30 May 2025 10:26 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 30 May 2025 10:26 AM IST
सार
आगरा के पर्यटन गांव बरारा में पोखर की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया था। यहां पशुबाड़ा संचालित किया जा रहा था। सदर तहसील प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर इस जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया।
विज्ञापन
तालाब की जमीन
विस्तार
पोखर को पाटकर पशुबाड़ा बन गया। टिनशेड डालकर उसमें भूसा भरा जा रहा था। तिरपाल ढाल कर नए निर्माण की तैयारी थी। इससे पहले ही बृहस्पतिवार को पर्यटक गांव बरारा में सदर तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण ध्वस्त कर पोखर को कब्जा मुक्त कराया।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बरारा में खसरा संख्या 2768 में पुरानी पोखर थी। जिसका रकबा करीब 6800 वर्ग मीटर था। दबंगों ने पोखर पर कब्जा कर लिया। उसे पाटकर वहां पशुबाड़ा, भूसा घर व अन्य पक्के निर्माण कर लिए। लेखपाल की रिपोर्ट पर बेदखली का मुकदमा दायर हुआ।
सुनवाई के बाद एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने पोखर को कब्जामुक्त कराने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी राजस्व टीम लेकर बरारा पहुंची। जहां, बुलडोजर से करीब 400 वर्ग मीटर पोखर भूमि से कब्जे ध्वस्त किए गए। नायब तहसीलदार के मुताबिक इसकी सरकारी कीमत करीब 14 लाख रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर तहसील क्षेत्र के गांव बरारा में खसरा संख्या 2768 में पुरानी पोखर थी। जिसका रकबा करीब 6800 वर्ग मीटर था। दबंगों ने पोखर पर कब्जा कर लिया। उसे पाटकर वहां पशुबाड़ा, भूसा घर व अन्य पक्के निर्माण कर लिए। लेखपाल की रिपोर्ट पर बेदखली का मुकदमा दायर हुआ।
विज्ञापन
सुनवाई के बाद एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने पोखर को कब्जामुक्त कराने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी राजस्व टीम लेकर बरारा पहुंची। जहां, बुलडोजर से करीब 400 वर्ग मीटर पोखर भूमि से कब्जे ध्वस्त किए गए। नायब तहसीलदार के मुताबिक इसकी सरकारी कीमत करीब 14 लाख रुपये है।
विज्ञापन