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UP: रोटी की तलाश में छोड़ा था गांव... बेटी की मौत से उजड़ गई दुनिया; पिता की सिसकियों ने पूरे गांव को रुलाया

Sun, 04 Jan 2026 12:27 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 04 Jan 2026 12:27 PM IST
सार

बुलंदशहर के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के गांव में छह साल की मासूम की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदों ने बच्ची के शव को छत से फेंक दिया। वारदात में शामिल दोनों आरोपी उसी घर की ऊपरी मंजिल पर रहते थे। पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों राजू और वीरू कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।

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bulandshahr Minor Girl harassment and murder father sobs made entire village cry in firozabad
Bulandshahr Minor Girl harassment - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बुलंदशहर के सिकंदराबाद में छह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने फिरोजाबाद जिले के पूरे नारखी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बच्ची के पिता परिवार के अच्छे भविष्य के लिए गांव से निकलकर बुलंदशहर की फैक्टरी में काम करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस रोटी के लिए घर छोड़ रहे हैं, उसकी कीमत अपनी छह साल की मासूम बेटी की आबरू और जान से चुकानी पड़ेगी।
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गांव में बच्ची का शव हाथों में लेकर पहुंचे पीड़ित पिता की सिसकियों ने पूरे गांव को रुला दिया। पिता ने बताया कि वह चूड़ी बनाने का काम करते थे। उसमें केवल 500 रुपये मिलते थे। काम भी नियमित नहीं मिल पाता था। इस खातिर उन्होंने घर छोड़ा और 10 माह पहले बुलंदशहर चले गए। 
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वहां सिकंदराबाद के औद्योगिक इलाके में स्थित एक फैक्टरी, जहां पानी की टंकी बनाने का काम होता है, उसमें नौकरी मिल गई। फैक्टरी संचालक उनको 16,500 रुपये प्रति माह और दो वक्त का खाना देता था। काम ठीक लगा तो डेढ़ महीने पहले वह अपनी पत्नी और बच्चों को भी बुलंदशहर ले गया था। 
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पीड़ित ने बताया कि उसका तीन साल पहले ही निकाह हुआ है। बच्ची, उसकी पत्नी के पहले पति की थी, जिनका पूर्व में देहांत हो चुका है। उनके देहांत के बाद ही उसने निकाह किया था।
 

पड़ोस में ही छिपे थे दरिंदे, पहचान नहीं सका
पीड़ित ने बताया कि डेढ़ माह में शुक्रवार की शाम पहला मौका था, जब बच्ची मकान की ऊपरी मंजिल पर गई थी। बच्ची अपनी मां से छत पर खेलने की बात कहते हुए गई, मगर, दरिंदों ने उसे किसी प्रकार अपने पास बुला लिया और गंदा काम करने के बाद बेटी की छत से फेंककर हत्या कर दी। 
 

गांव में मचा कोहराम, नहीं जले चूल्हे
शनिवार सुबह जब मासूम का शव एंबुलेंस से नारखी के गांव पहुंचा तो हर कोई रो पड़ा। ग्रामीणों में गुस्से की आग भड़क उठी। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। उनकी सिर्फ एक मांग थी परिवार के लिए न्याय।
 

इस जघन्य अपराध से गांव वाले इतने आहत थे कि शनिवार को पूरे गांव में एक भी घर का चूल्हा नहीं जला। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने जब पीड़ित परिजनों को आरोपियों के एनकाउंटर (पैर में गोली लगने) और उनकी गिरफ्तारी के साक्ष्य दिखाए, तब जाकर परिजन माने।
 

नम आंखों से अंतिम विदाई
शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मासूम का शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार तड़के परिजन मासूम का शव लेकर फिरोजाबाद स्थित पैतृक गांव रवाना हो गए। पुलिस बल की मौजूदगी में शव को ले जाया गया। गांव में मासूम की मौत की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
 

सपा नेताओं ने की न्याय की मांग
घटना की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप यादव और पूर्व ब्लॉक प्रमुख महावीर सिंह धनगर भारी समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। सपा नेताओं ने पीड़ित पिता को ढांढस बंधाया और इस जघन्य अपराध की घोर निंदा की। 
 

दिलीप यादव ने कहा कि बेटियां कहीं सुरक्षित नहीं हैं, अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो गया है। महावीर सिंह धनगर ने प्रशासन से मांग की कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये दोषियों को ऐसी सजा दी जाए कि दोबारा कोई ऐसी जुर्रत न कर सके।
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