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Agra News: बीएससी फेल बना था शिक्षा समिति का प्रबंधक, भेजा गया जेल
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एत्मादपुर(आगरा)। कस्बा स्थित आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की राजबहादुर शिक्षा समिति में जेल भेजे गए नरेंद्र के परिवार के लोग ही प्रबंधक, अध्यक्ष सहित सदस्य बने हुए थे। नरेंद्र ने अपने भाई को प्रबंधक बना रखा था। मगर हादसे के बाद पुलिस से बचाने के लिए उसका नाम नहीं लिया। पुलिस को गुमराह कर दिया। पुलिस की विवेचना में नाम सामने आने पर बृहस्पतिवार को आरोपी प्रबंधक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया।
वह बीएससी द्वितीय वर्ष में फेल हो गया था। उसने कोई डिग्री भी नहीं ली। इसके बावजूद बच्चों को पढ़ा रहा था। पुलिस अब समिति के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है। 11 मार्च को थाना एत्मादपुर क्षेत्र के भागूपुर में स्थित आरबीएस हायर सेकंडरी स्कूल की छुट्टी होने पर बस से घर जाते समय छात्रा नैना बस का फर्श टूटने के कारण गिर गई थी। उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका के पिता ब्रह्मजीत ने चालक और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने प्रथम दृष्टया चालक नरेंद्र कुमार को शिकोहाबाद से गिरफ्तार किया था। वह बस चला रहा था। वह हादसे के बाद बस को वापस स्कूल ले गया था। बच्चों को उतारने के बाद बस को छिपा दिया था। खुद भाग निकला था। पुलिस ने बस को बरामद किया। इसके बाद आरोपी को पकड़ा था। उसे कोर्ट ने जेल भेजा था। मामले में आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
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एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि स्कूल राजबहादुर शिक्षा समिति के नाम से चल रहा था। इसके पदाधिकारी और सदस्यों की जानकारी के लिए चिट फंड कार्यालय से जानकारी मांगी गई थी। इसमें पता चला कि नरेंद्र का भाई कृपाल सिंह प्रबंधक है जबकि नरेंद्र की पत्नी उपाध्यक्ष है। इसके अलावा चाचा और बुआ के परिवार के लोग ही अन्य पदों और सदस्य बने हुए हैं। नरेंद्र खुद इंटर तक पढ़ा था जबकि कृपाल सिंह बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में फेल हो गया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी स्कूल में शिक्षक कम रखते थे। खुद ही विद्यार्थियों को पढ़ाया करते थे जबकि उनके पास कोई डिग्री नहीं थी। ऐसे में नियमों का भी उल्लंघन किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को कृपाल सिंह को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया है। कृपाल सिंह ने पूर्व में पुलिस को भ्रमित किया था। खुद को प्रबंधक कहा था। मगर कागजों में वो प्रबंधक नहीं निकला है।
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वह बीएससी द्वितीय वर्ष में फेल हो गया था। उसने कोई डिग्री भी नहीं ली। इसके बावजूद बच्चों को पढ़ा रहा था। पुलिस अब समिति के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है। 11 मार्च को थाना एत्मादपुर क्षेत्र के भागूपुर में स्थित आरबीएस हायर सेकंडरी स्कूल की छुट्टी होने पर बस से घर जाते समय छात्रा नैना बस का फर्श टूटने के कारण गिर गई थी। उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका के पिता ब्रह्मजीत ने चालक और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने प्रथम दृष्टया चालक नरेंद्र कुमार को शिकोहाबाद से गिरफ्तार किया था। वह बस चला रहा था। वह हादसे के बाद बस को वापस स्कूल ले गया था। बच्चों को उतारने के बाद बस को छिपा दिया था। खुद भाग निकला था। पुलिस ने बस को बरामद किया। इसके बाद आरोपी को पकड़ा था। उसे कोर्ट ने जेल भेजा था। मामले में आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
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एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि स्कूल राजबहादुर शिक्षा समिति के नाम से चल रहा था। इसके पदाधिकारी और सदस्यों की जानकारी के लिए चिट फंड कार्यालय से जानकारी मांगी गई थी। इसमें पता चला कि नरेंद्र का भाई कृपाल सिंह प्रबंधक है जबकि नरेंद्र की पत्नी उपाध्यक्ष है। इसके अलावा चाचा और बुआ के परिवार के लोग ही अन्य पदों और सदस्य बने हुए हैं। नरेंद्र खुद इंटर तक पढ़ा था जबकि कृपाल सिंह बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में फेल हो गया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी स्कूल में शिक्षक कम रखते थे। खुद ही विद्यार्थियों को पढ़ाया करते थे जबकि उनके पास कोई डिग्री नहीं थी। ऐसे में नियमों का भी उल्लंघन किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को कृपाल सिंह को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया है। कृपाल सिंह ने पूर्व में पुलिस को भ्रमित किया था। खुद को प्रबंधक कहा था। मगर कागजों में वो प्रबंधक नहीं निकला है।