आगरा: जिला अस्पताल में मरीज से ऑपरेशन के मांगे पांच हजार, लोगों ने पकड़ा आरोपी
जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीज को जाल में फंसाया गया। ऑपरेशन के लिए 5 हजार रुपये मांगे गए। पीड़ित तैयार हो गया। जब पीड़ित आरोपी युवक को पैसे दे रहा था, तभी अस्पताल स्टाफ ने देख लिया। जिसके बाद मामला जिला अस्पताल के चिकित्सकों तक पहुंचा। मौके पर आई पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
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विस्तार
गांव शेरखां, खंदौली निवासी धीरज (21) ने बताया कि वह कांच कारीगर हैं। एक साल पहले एक हादसे में उनके सीधे पैर के घुटने की हड्डी टूट गई थी। निजी अस्पताल में उपचार कराया था। तब चिकित्सक ने ऑपरेशन किया था। इस दौरान एक तार लगाया गया था, जिससे हड्डी जुड़ सके। अब वह इस तार को निकलवाना चाहते हैं।
रुपये न होने की वजह से सरकारी अस्पताल में आया पीड़ित
उन्होंने एक निजी अस्पताल के चिकित्सक को दिखाया, लेकिन उन्होंने काफी खर्चा बता दिया। वह इस समय रुपये नहीं होने की वजह से जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराना चाहता था। 15 दिन पहले वो अस्पताल में पिता प्रेम सिंह के साथ आया। जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के बाद चिकित्सक को दिखाया। तब भी ऑपरेशन की बात कही गई। वह तैयार हो गया।उन्हें दवा और कर्मचारी के न होने की वजह से अगले दिन आने के लिए बोल दिया गया था। तब से वे चक्कर काट रहा था। शुक्रवार को वह डॉक्टर से मिला। ऑपरेशन के लिए कहा। उन्होंने विपिन नामक युवक का नंबर दे दिया। उन्होंने उससे बात की। उसने ऑपरेशन के लिए 4500 रुपये की मांग की। उन्होंने किसी तरह रुपयों का इंतजाम किया। सोमवार को उन्हें बुलाया गया था।
जिला अस्पताल पहुंचने पर विपिन से मुलाकात की। वह पांच हजार रुपये की मांग करने लगा। किराये में खर्च होने की वजह से इतनी रकम नहीं थी। पांच सौ रुपये कम थे। विपिन ने ऑपरेशन कराने से इंकार कर दिया। उन्हें लगा था कि वह कोई कर्मचारी होगा। इस पर एक महिला से कहा। महिला ने लोगों को बुला लिया। इसके बाद विपिन को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
पुलिस को तहरीर का इंतजार
थानाध्यक्ष रकाबगंज राकेश कुमार ने बताया कि विपिन ईदगाह निवासी है। वह पहले जिला अस्पताल में कैंटीन चलाता था। पूछताछ में बताया कि वह कभी-कभी जिला अस्पताल आ जाता है। उसने रुपये मांगने के आरोप को गलत बताया है। मगर, डॉक्टर ने उससे क्यों बात कराई? इसका जवाब नहीं दे सका। पीड़ित की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। हंगामा हुआ है। इसलिए युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की जाएगी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टर की टीम गठित की है। इसमें डॉ. सीपी वर्मा, डॉ. वीरेंद्र कुमार और डॉ. हरीश कुमार शामिल हैं। उनसे दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। यह देखा जाएगा कि युवक मरीज के संपर्क में कैसे आया? वह किसी डॉक्टर के संपर्क में था या नहीं?
...तो भर्ती कर लिया धीरज
धीरज का कहना था कि वह चांदी के जेवरात गिरवी रखकर रुपयों का इंतजाम करके लाया था। युवक के पकड़े जाने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंच था। अब उसे भर्ती कर लिया गया है। डॉक्टर ने उसके ऑपरेशन के लिए मंगलवार का समय दिया है। अब कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहता है।
अस्पताल के बाहर सक्रिय रहते हैं दलाल
धीरज से ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये मांगने की घटना से लोग यही बात कर रहे थे कि अस्पताल के बाहर दलाल सक्रिय रहते हैं। वह मरीजों को फंसाते हैं। उनसे ऑपरेशन कराने और दवा दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठते हैं। इन दलालों के कर्मचारियों से सांठगांठ रहने के आरोप भी लग र