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UP: भगवान शिव के कैलाश में अंग्रेज अधिकारी ने देखा था ऐसा चमत्कार, घोषित किया था अवकाश; आज भी फरमान है लागू
Sun, 04 Aug 2024 09:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 04 Aug 2024 09:57 AM IST
सार
अंग्रेज कलेक्टर ने कैलाश महादेव मंदिर पर ऐसा चमत्कार देखा कि इस दिन का अवकाश घोषित कर दिया। इसके बाद से सावन के तीसरे सोमवार को स्थानीय स्तर पर अवकाश रहता है।
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कैलाश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर पर मेला लगाया जाएगा। सोमवार को स्थानीय प्रशासन की ओर से सार्वजनिक अवकाश रहता है। यह सिलसिला ब्रिटिश हुकूमत में शुरू हुआ, जब तत्कालीन अंग्रेज कलेक्टर ने कैलाश मंदिर के महंत के कहने पर संतान के लिए प्रार्थना की। संतान होने पर उन्होंने कैलाश मेले केलिए स्थानीय अवकाश घोषित किया। तब से यह परंपरा बनी हुई है।
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वर्ष 1905 के आगरा गजेटियर में दर्ज है कि सावन के तीसरे सोमवार को यमुना नदी के किनारे बने भगवान शिव के कैलाश मंदिर पर विशाल मेला लगता है। मंदिर से शुरू होकर अकबर के मकबरे, सिकंदरा तक कैलाश मेला सजता है, जिसमें स्मारक के बाहर और अंदर मुख्य दरवाजे से पूरे परिसर में दुकानें सजाई जाती थीं। वर्ष 1922 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दुर्लभ फोटो संग्रह में सिकंदरा स्मारक के मुख्य दरवाजे से अंदर अकबर की कब्र वाली मुख्य इमारत तक तिरपाल में लगाई गई दुकानें और भारी भीड़ नजर आती है।
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दो सोमवार निशुल्क रहेगा मकबरे में प्रवेश
एएसआई के रिटायर्ड इंजीनियर एमसी शर्मा के मुताबिक ब्रिटिश हुकूमत के समय से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अकबर के मकबरे में मेला लगाने की व्यवस्थाएं करता था। ताजमहल समेत अन्य स्मारकों से अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी सावन के तीसरे सोमवार को लगने वाले कैलाश मेले के लिए लगाई जाती थीं। जब से टिकट लगा, तब से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को अकबर के मकबरे में प्रवेश नि:शुल्क करने के आदेश जारी करने शुरू किए। इस बार भी कैलाश मेले के दौरान स्मारक में नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा, वहीं चौथे सोमवार भी नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।
एएसआई के रिटायर्ड इंजीनियर एमसी शर्मा के मुताबिक ब्रिटिश हुकूमत के समय से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अकबर के मकबरे में मेला लगाने की व्यवस्थाएं करता था। ताजमहल समेत अन्य स्मारकों से अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी सावन के तीसरे सोमवार को लगने वाले कैलाश मेले के लिए लगाई जाती थीं। जब से टिकट लगा, तब से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को अकबर के मकबरे में प्रवेश नि:शुल्क करने के आदेश जारी करने शुरू किए। इस बार भी कैलाश मेले के दौरान स्मारक में नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा, वहीं चौथे सोमवार भी नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।
स्मारक में ही लगती थीं दुकानें और झूले
एएसआई के रिटायर्ड वरिष्ठ संरक्षण सहायक डॉ. आरके दीक्षित बताते हैं कि वर्ष 1998 से पहले सिकंदरा स्मारक के अंदर दुकानें और झूले लगाए जाते थे, लेकिन स्मारकों में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश के बाद मेला बाहर लगाया जाने लगा। तब तख्त लगाकर अंदर दुकानें लगती थीं, वहीं बाहर सड़क से मुख्य दरवाजे के बीच झूले लगाए जाते थे। जहां अब पार्किंग है, वहां चाट पकौड़ी, नानखटाई की ठेल लगती थीं।
एएसआई के रिटायर्ड वरिष्ठ संरक्षण सहायक डॉ. आरके दीक्षित बताते हैं कि वर्ष 1998 से पहले सिकंदरा स्मारक के अंदर दुकानें और झूले लगाए जाते थे, लेकिन स्मारकों में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश के बाद मेला बाहर लगाया जाने लगा। तब तख्त लगाकर अंदर दुकानें लगती थीं, वहीं बाहर सड़क से मुख्य दरवाजे के बीच झूले लगाए जाते थे। जहां अब पार्किंग है, वहां चाट पकौड़ी, नानखटाई की ठेल लगती थीं।