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Agra: दिमाग के ट्यूमर को नाक से निकाला...सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी
Mon, 19 May 2025 11:13 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 19 May 2025 11:13 PM IST
सार
पहले ओपन सर्जरी में दिमाग पर चीरा लगाना पड़ता था। लेकिन बिना चीरा लगाए ही नाक के रास्ते को ट्यूमर को निकाल दिया। एसएन मेडिकल काॅलेज में की गई इस सर्जरी के बाद मरीज की हालत ठीक है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी रोग विभाग में सोमवार को 4 घंटे तक जटिल सर्जरी की गई। इसमें दिमाग और नाक के बीच बने ट्यूमर को नाक के रास्ते निकाला गया। ट्यूमर 4 इंच लंबा था। मरीज की हालत अब ठीक है।
ईएनटी रोग विभाग की डॉ. रीतु गुप्ता ने बताया कि फतेहपुर सीकरी के 22 साल के युवक के दिमाग और नाक के बीच में ट्यूमर था। यह बेहद संवेदनशील स्थान पर था, जरा सी चूक से मरीज की जान पर बन सकती थी। इसे चिकित्सकीय भाषा में जुवेनाइल नासोफेरींजल एंजियोफाइब्रोमा कहते हैं। इससे मरीज की नाक में रुकावट होने से उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
नकसीर और सिर में दर्द भी रहता था। चेहरे पर सूजन आ गई थी। ऐसे में न्यूनतम इनवेसिव तकनीकी से नाक के रास्ते से ट्यूमर निकाला गया है। पहले ओपन सर्जरी में दिमाग पर चीरा लगाना पड़ता था। सर्जरी में विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार का योगदान रहा।
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ऑपरेशन टीम में डॉ. रोहिणी यादव, डॉ. आजम, डॉ. पालिका शामिल रहीं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उन्नत ऑपरेशन थिएटर और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक से अब दिमाग, पेट, हृदय, किडनी, फेफड़े, कैंसर की जटिल सर्जरी भी हो रही हैं।
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ईएनटी रोग विभाग की डॉ. रीतु गुप्ता ने बताया कि फतेहपुर सीकरी के 22 साल के युवक के दिमाग और नाक के बीच में ट्यूमर था। यह बेहद संवेदनशील स्थान पर था, जरा सी चूक से मरीज की जान पर बन सकती थी। इसे चिकित्सकीय भाषा में जुवेनाइल नासोफेरींजल एंजियोफाइब्रोमा कहते हैं। इससे मरीज की नाक में रुकावट होने से उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
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नकसीर और सिर में दर्द भी रहता था। चेहरे पर सूजन आ गई थी। ऐसे में न्यूनतम इनवेसिव तकनीकी से नाक के रास्ते से ट्यूमर निकाला गया है। पहले ओपन सर्जरी में दिमाग पर चीरा लगाना पड़ता था। सर्जरी में विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार का योगदान रहा।
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ऑपरेशन टीम में डॉ. रोहिणी यादव, डॉ. आजम, डॉ. पालिका शामिल रहीं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उन्नत ऑपरेशन थिएटर और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक से अब दिमाग, पेट, हृदय, किडनी, फेफड़े, कैंसर की जटिल सर्जरी भी हो रही हैं।