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UP: स्कूलों में बच्चों को नहीं बांटी किताबें...एसडीएम के छापे में खुली पोल, डीएम ने बीएसए से मांगी रिपोर्ट

Sun, 13 Jul 2025 10:20 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sun, 13 Jul 2025 10:20 AM IST
सार

बच्चों के हाथों में किताब जाने के स्थान पर कक्षों के अंदर ताले में बंद की जा रही हैं। स्कूलों में लगातार किताबें पकड़ी जा रही हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने बीएसए से रिपोर्ट तलब की है।

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Books were not distributed to children in government schools
छापे में मिली किताबें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के सैंया में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में किताबों का वितरण नहीं किया जा रहा है। इस पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम खेरागढ़ ने जूनियर हाईस्कूल कंपोजिट विद्यालय सैंया पर छापा मारा। यहां से 2600 किताबें बरामद की गईं। इनका वितरण नहीं कराया गया। शुक्रवार को भी नायब तहसीलदार ने 25 बंडल किताब के बरामद किए थे।
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खेरागढ़ एसडीएम ऋषि राव ने जूनियर हाईस्कूल कंपोजिट विद्यालय में शनिवार दोपहर में छापा मारा। यहां पर करीब 2600 किताबें बरामद की गईं। इन किताबों का परिषदीय विद्यालयों में किया जाना था। 850 नई और 1750 किताबें पुरानी मिली हैं। पिछले वर्ष की किताबों का वितरण भी नहीं किया गया। 
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पहले यह किताबें ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) तेहरा पर रखी हुई थीं। यहां शिकायत होने पर किताबों को विद्यालय के कक्ष में रखवा दिया गया। शुक्रवार को लादूखेड़ा क्षेत्र के अमरूपुरा स्थित विद्यालय में नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने किताबों के 25 बंडल बरामद किए थे।
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बच्चों की किताबों पर बीएसए का ताला
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। बच्चों के हाथों में किताब जाने के स्थान पर कक्षों के अंदर ताले में बंद की जा रही हैं। स्कूलों में लगातार किताबें पकड़ी जा रही हैं। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से किताबों के वितरण पर रिपोर्ट मांगते हुए नाराजगी प्रकट की है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बच्चों के भविष्य की चिंता ही नहीं है। शासन की तरफ से कक्षा एक से आठ के बच्चों को निशुल्क किताबों का वितरण कराने का निर्देश दिया गया। जिले में किताबें भेज दी गईं। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाह कार्य प्रणाली शुरू हो गई। विद्यालयों में किताबों का उठान बीआरसी के माध्यम से कराया जा रहा है जबकि यह जिम्मेदारी अधिकारियों की थी। 

 

उनको सीधे विद्यालयों में किताब पहुंचानी थी। उसी का नतीजा है कि कई विकास खंड में किताब पहुंच गई लेकिन वितरण नहीं किया गया। इन किताबों को किसी एक विद्यालय के कक्ष डालकर बंद कर दिया गया। जिलाधिकारी ने किताबों के वितरण न होने पर नाराजगी की है और पुस्तकों के वितरण रिपोर्ट मांगी है।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि किताबों के वितरण की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांगी गई है। कई विद्यालयों में किताब वितरण नहीं होने की सूचना मिली। किताब वितरण न होने की रिपोर्ट मिलने पर शासन को भेजी जाएगी।

सीडीओ ने पूछे हैं यह सवाल
विकास खंड जगनेर से 10, पिनाहट के 20 और शमसाबाद के 28 विद्यालयों में किताबों का वितरण नहीं हुआ है।
विकास खंड बरौली अहीर में 154 विद्यालयों में कक्षा तीन की किताबों का वितरण नहीं किया गया है।
393 विद्यालयों में किताबों का उठान बीआरसी के माध्यम से किया गया। जबकि किताबों का वितरण बीएसए के स्तर से कराया जाना था।



 
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