{"_id":"6a2a3889aa34789f7605f5af","slug":"book-commission-probe-completed-in-30-schools-fine-up-to-one-lakh-possible-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: जिन स्कूलों में महंगी दीं कॉपी-किताबें, उनकी जांच हुई पूरी; 30 विद्यालयों पर लगाया गया जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: जिन स्कूलों में महंगी दीं कॉपी-किताबें, उनकी जांच हुई पूरी; 30 विद्यालयों पर लगाया गया जुर्माना
Thu, 11 Jun 2026 01:03 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:03 PM IST
सार
निजी स्कूलों में महंगी किताबें और चुनिंदा दुकानों से खरीदारी के आरोपों की जांच पूरी हो गई है। रिपोर्ट में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
किताबें महंगी हुई
विस्तार
निजी विद्यालयों में किताबों और स्टेशनरी के नाम पर कथित कमीशनखोरी की शिकायतों की जांच पूरी हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित 6 संयुक्त जांच टीमों ने शहर के 30 निजी स्कूलों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। बृहस्पतिवार को सभी टीमें अपनी जांच रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह को सौंपेंगी।
रिपोर्ट में अनियमितताएं मिलने पर विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। टीम पापा के संस्थापक मनोज शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया था कि कई निजी विद्यालय एनसीईआरटी और सीबीएसई की निर्धारित पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पाठ्यक्रम में शामिल कर रहे हैं। साथ ही अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से ही पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने 6 संयुक्त टीमों का गठन किया था। इन टीमों में अपर नगर मजिस्ट्रेट-प्रथम, द्वितीय, तृतीय, अपर उप जिलाधिकारी सदर, डिप्टी कलेक्टर, उपजिलाधिकारी किरावली और खंड शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया। जांच के दौरान विद्यालयों के पुस्तक सूची, प्रकाशकों के नाम, अभिभावकों की शिकायतों और पुस्तकों की उपलब्धता से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल की गई। कुछ विद्यालयों में नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं, जिनका उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
विज्ञापन
सभी जगह से आ गई रिपोर्ट
खंड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि सभी जगह से रिपोर्ट मंगवा ली गई है। बुधवार को भी हमारी टीम जांच करने गई थी। बृहस्पतिवार तक पूरी रिपोर्ट बीएसए को सौंप देंगे।
विज्ञापन
रिपोर्ट में अनियमितताएं मिलने पर विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। टीम पापा के संस्थापक मनोज शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया था कि कई निजी विद्यालय एनसीईआरटी और सीबीएसई की निर्धारित पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पाठ्यक्रम में शामिल कर रहे हैं। साथ ही अभिभावकों को चुनिंदा दुकानों से ही पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने 6 संयुक्त टीमों का गठन किया था। इन टीमों में अपर नगर मजिस्ट्रेट-प्रथम, द्वितीय, तृतीय, अपर उप जिलाधिकारी सदर, डिप्टी कलेक्टर, उपजिलाधिकारी किरावली और खंड शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया। जांच के दौरान विद्यालयों के पुस्तक सूची, प्रकाशकों के नाम, अभिभावकों की शिकायतों और पुस्तकों की उपलब्धता से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल की गई। कुछ विद्यालयों में नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं, जिनका उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
विज्ञापन
सभी जगह से आ गई रिपोर्ट
खंड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि सभी जगह से रिपोर्ट मंगवा ली गई है। बुधवार को भी हमारी टीम जांच करने गई थी। बृहस्पतिवार तक पूरी रिपोर्ट बीएसए को सौंप देंगे।