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Agra: जिंदगी खतरे में डालकर खेतों तक में बनाए जा रहे थे बम-पटाखे, आतिशबाजी के चार गोदाम सील

Thu, 20 Oct 2022 11:25 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 20 Oct 2022 11:25 AM IST
सार

एत्मादपुर क्षेत्र के गांव धौर्रा व नगला खरगा में एडीएम प्रशासन अजय कुमार ने उपजिलाधिकारी अभय कुमार व प्रशिक्षु सीओ सैयद अरीब अहमद के साथ बुधवार शाम पटाखे बना रहे चार लोगों के यहां छापेमारी। पटाखों को जब्त कर गोदाम सील कर दिए।

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Bombs and firecrackers being made in the fields by putting lives in danger in Agra
एडीएम प्रशासन ने की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में दिवाली आते ही गांव धौर्रा और नगला खरगा में देसी बम और पटाखे बनाने का काम शुरू हो गया है। लोग जान की परवाह न करते हुए खेतों में इसे बनाने में लगे हुए हैं। बुधवार को नगला खरगा में टिनसेड के नीचे एक परिवार जिसमें बच्चे, महिलाएं तक शामिल रहीं। सभी बम बनाने में लगे थे। कोई सुतली व कागज लपेट रहा था तो कोई उसमें बारूद भरने में लगा था। शाम को प्रशासन की टीम ने गोदामों पर छापा मारा।  टीम ने चार गोदामों को सील कर दिया। 

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स्थानीय लोगों ने बताया कि धौर्रा व नगला खरगा के देसी बम खूब बिकते हैं। लाइसेंस धारक दिनेश कुमार ने बताया कि महंगाई के बाद भी देसी बम 3 रुपये, कुल्लड़ 25 रुपये, रोशनी 7 रुपये की मिल रहे हैं। मुनाफा काफी कम है, लेकिन पुश्तैनी काम होने के कारण इसे बनाते हैं। बताया कि दिवाली से दो-तीन दिन पहले गांव के ज्यादातर घरों में पटाखे बनाये जाते हैं। गांव में तीन लोगों विजय पाल, उदयवीर व दिनेश कुमार पर लाइसेंस हैं, वही पूर्व में धौर्रा व नगला खरगा में सात लाइसेंस थे।

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20 हादसों में 35 से ज्यादा जा चुकी है जान

  • धौर्रा व नगला खरगा में बम-पटाखे बनाने के दौरान लगभग 20 हादसे हो चुके हैं। जिनमें 35 से ज्यादा जान जा चुकी है।
  • 2003 में जब्त पटाखों में एत्मादपुर थाने में हादसा, दो की मौत
  • 2003 में ही धौर्रा में बम बनाने के दौरान हादसे में एक की मौत
  • 2004 में धौर्रा से बम ले जाते समय जवाहर पुल पर धमाके में एक की मौत
  • 2004 में ही धौर्रा से बम ले जाते समय टेंपो में हादसा, दो की मौत
  • 2005 में धौर्रा के गोदाम में धमाके में तीन की मौत
  • 2006 में नगला खरगा में घर में बम बनाते समय हादसे में तीन की मौत
  • 2007 में नगला खरगा में घर के बाहर धमाका, पांच की मौत
  • 2009 में नगला खरगा में धमाके पति-पत्नी की मौत।
  • 2010 में धौर्रा में धमाके में दो की मौत
  • 2011 में पटाखे ले जाते समय टेंपो में कुबेरपुर पर धमाके में दो की मौत।
  • 2015 में भागूपुर में टेंपो में हादसे में दो की मौत।
  • 2016 में स्कूटर से पटाखे ले जाते समय जगदीशपुरा के पास हादसे में दो की मौत

पटाखे बनाने के ठिकानों पर छापेमारी, गोदाम सील

एत्मादपुर क्षेत्र के गांव धौर्रा व नगला खरगा में एडीएम प्रशासन अजय कुमार ने उपजिलाधिकारी अभय कुमार व प्रशिक्षु सीओ सैयद अरीब अहमद के साथ बुधवार शाम पटाखे बना रहे चार लोगों के यहां छापेमारी। पटाखों को जब्त कर गोदाम सील कर दिए।

टीम ने नगला खरगा गांव के लाइसेंसधारी दिनेश कुमार, विजय पाल, उदयवीर और धौर्रा में नेत्रपाल के गोदामों पर छापेमारी की। यहां देसी पटाखे बनाये जा रहे थे। प्रशिक्षु सीओ सैयद अरीब अहमद ने बताया कि इन चारों लोगों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एडीएम  सिटी कार्यलय में आवेदन किया था, जिनकी जांच की जा रही थी। अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों के गोदामों को सील किया गया है।

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