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यूपी बोर्ड में सह शिक्षा की व्यवस्था लागू फिर भी प्रवेश नहीं
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 27 Apr 2016 01:46 AM IST
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यूपी बोर्ड में सह शिक्षा की व्यवस्था लागू फिर भी प्रवेश नहीं
- फोटो : Amar Ujala
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यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों में दसवीं तक की कक्षाओं में सह शिक्षा अगस्त 2009 से लागू कर दी गई है। इसके बाद भी बालक विद्यालयों में बालिकाओं का और बालिका स्कूलों में बालकों का प्रवेश नहीं लिया जा रहा। स्कूल और विभाग की ओर से सह शिक्षा का प्रचार-प्रसार नहीं हो रहा।
शासनादेश के मुताबिक हाईस्कूल स्तर तक नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में सह शिक्षा की व्यवस्था लागू है। इंटरमीडिएट स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ही सह शिक्षा को मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकतर स्कूलों में पहले से ही सह शिक्षा का चलन है। नगर क्षेत्र में तमाम ऐसे स्कूल हैं जिसमें केवल बालकों या फिर बालिकाओं को शिक्षा दी जा रही है। एमडी जैन इंटर कालेज, क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कालेज, सेंट जोसेफ इंटर कालेज, सेंट जोंस कन्या इंटर कालेज, सेंट विसेंट हायर सेकेंडरी स्कूल आदि स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है। इस समय प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, सह शिक्षा का प्रचार किया जाए और प्रवेश दिया जाए तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को फायदा हो सकता है।
‘प्रधानाचार्यों को शासनादेश का पालन करने और सह शिक्षा की जानकारी देने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि किसी विद्यालय की शिकायत मिलती है कि वह छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं ले रहा तो कार्रवाई की जाएगी।’ - अरविंद कुमार पांडेय, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक
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यहां प्रवेश को लगी लाइन
श्री रत्नमुनि जैन इंटर कालेज, लोहामंडी और आरबीएस इंटर कालेज खंदारी में सह शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दोनों बालक विद्यालय थे, बालिकाओं के प्रवेश के लिए लाइन लग रही है। रत्नमुनि जैन में वर्ष 2011 में बालिकाओं का प्रवेश शुरू किया गया, वर्तमान में करीब 750 छात्राएं कक्षा छह से 12 तक पंजीकृत हैं। वहीं आरबीएस इंटर कालेज में गत सत्र से छात्राओं का प्रवेश शुरू किया गया। करीब 200 छात्राएं पंजीकृत हो चुकी हैं, प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
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शासनादेश के मुताबिक हाईस्कूल स्तर तक नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में सह शिक्षा की व्यवस्था लागू है। इंटरमीडिएट स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ही सह शिक्षा को मंजूरी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकतर स्कूलों में पहले से ही सह शिक्षा का चलन है। नगर क्षेत्र में तमाम ऐसे स्कूल हैं जिसमें केवल बालकों या फिर बालिकाओं को शिक्षा दी जा रही है। एमडी जैन इंटर कालेज, क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कालेज, सेंट जोसेफ इंटर कालेज, सेंट जोंस कन्या इंटर कालेज, सेंट विसेंट हायर सेकेंडरी स्कूल आदि स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है। इस समय प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, सह शिक्षा का प्रचार किया जाए और प्रवेश दिया जाए तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को फायदा हो सकता है।
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‘प्रधानाचार्यों को शासनादेश का पालन करने और सह शिक्षा की जानकारी देने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि किसी विद्यालय की शिकायत मिलती है कि वह छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं ले रहा तो कार्रवाई की जाएगी।’ - अरविंद कुमार पांडेय, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक
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यहां प्रवेश को लगी लाइन
श्री रत्नमुनि जैन इंटर कालेज, लोहामंडी और आरबीएस इंटर कालेज खंदारी में सह शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दोनों बालक विद्यालय थे, बालिकाओं के प्रवेश के लिए लाइन लग रही है। रत्नमुनि जैन में वर्ष 2011 में बालिकाओं का प्रवेश शुरू किया गया, वर्तमान में करीब 750 छात्राएं कक्षा छह से 12 तक पंजीकृत हैं। वहीं आरबीएस इंटर कालेज में गत सत्र से छात्राओं का प्रवेश शुरू किया गया। करीब 200 छात्राएं पंजीकृत हो चुकी हैं, प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।